एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक निकला गुरु घंटाल, पहचान छुपाकर बना था यूट्यूबर, 31 साल पुराने हत्याकांड का खुलासा

Saleem Vastik: दिल्ली पुलिस ने 1995 के हत्या मामले में उम्रकैद की सजा काट रहे भगोड़े सलीम वास्तिक को गिरफ्तार किया है। वह नाम बदलकर यूट्यूब पर 'एक्स मुस्लिम' के रूप में भड़काऊ वीडियो बना रहा था।
Saleem Vastik
एक्स मुस्लिम सलीम वास्तिक (Image- Social Media)
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Saleem Vastik Arrested: यूट्यूब पर खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ बताकर विवादित वीडियो बनाने वाले सलीम वास्तिक को दिल्ली पुलिस की क्राइम ब्रांच ने गाजियाबाद के लोनी इलाके से गिरफ्तार कर लिया है। वह हाल के समय में अपने भड़काऊ बयानों और ऑनलाइन गतिविधियों के कारण चर्चा में था।

दरअसल, सलीम वास्तिक का असली नाम सलीम खान है। उसे 1995 में उत्तर-पूर्वी दिल्ली के एक कारोबारी के 13 वर्षीय बेटे संदीप बंसल के अपहरण और हत्या के मामले में दोषी ठहराया गया था। जानकारी के मुताबिक, बच्चे का अपहरण कर अगले दिन 30 हजार रुपये की फिरौती मांगी गई थी और जान से मारने की धमकी दी गई थी।

कोर्ट ने सुनाई थी उम्रकैद की सजा

जांच के दौरान पुलिस का शक सलीम खान पर गया, जो उस समय बच्चे के स्कूल में मार्शल आर्ट्स सिखाता था। पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया और उसकी निशानदेही पर बच्चे का शव बरामद किया गया। इसके बाद 1997 में अदालत ने सलीम खान और उसके साथी अनिल को उम्रकैद की सजा सुनाई। हालांकि, 2000 में दिल्ली हाई कोर्ट से अंतरिम जमानत मिलने के बाद वह फरार हो गया और वापस अदालत में पेश नहीं हुआ। बाद में 2011 में हाई कोर्ट ने उसकी सजा बरकरार रखी, लेकिन तब तक वह अपनी पहचान बदलकर अलग-अलग जगहों पर छिप चुका था।

अपना नाम बदलकर रखा सलीम

जांच में यह भी सामने आया कि फरारी के दौरान उसने खुद को मृत घोषित कर दिया, ताकि एजेंसियों को गुमराह किया जा सके। इसके बाद उसने अपना नाम बदलकर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक रख लिया और हरियाणा व उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में रहकर अपनी पहचान छिपाता रहा। इस दौरान उसने सोशल मीडिया पर सक्रिय होकर खुद को ‘एक्स मुस्लिम’ के रूप में पेश किया और वीडियो बनाना शुरू कर दिया। अंततः वह गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में बस गया, जहां वह कपड़ों का कारोबार करते हुए सामान्य जीवन जी रहा था।

दिल्ली पुलिस ने किया खुलासा

दिल्ली पुलिस ने पुराने रिकॉर्ड, फिंगरप्रिंट और तस्वीरों के आधार पर उसकी पहचान की पुष्टि की और उसे गिरफ्तार कर लिया। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी लंबे समय तक कानून से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदलता रहा और नई पहचान का इस्तेमाल करता रहा।

करीब 31 साल पुराने इस मामले में गिरफ्तारी को पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है। अब जांच एजेंसियां यह भी पता लगा रही हैं कि फरारी के दौरान उसने किन लोगों की मदद ली और क्या अन्य गतिविधियों में भी शामिल रहा।

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