सहारनपुर कांड: 5 लाशें, 3 तमंचे और एक मैसेज ‘मुझसे बड़ी गलती हो गई’, जानें अमीन के खौफनाक कदम की इनसाइड स्टोरी
Saharanpur Family Death Case: सहारनपुर में अमीन अशोक राठी ने परिवार के 4 सदस्यों की हत्या कर खुदकुशी कर ली। मौत से पहले भेजे गए उनके व्हाट्सएप मैसेज और डिप्रेशन ने पुलिस जांच की दिशा बदल दी है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
सहारनपुर में हुई घटना के बाद मौजूद पुलिसकर्मी, फोटो- सोशल मीडिया
Saharanpur 5 Death Case: उत्तर प्रदेश के सहारनपुर जिले के सरसावा थाना क्षेत्र में एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक ही परिवार के पांच लोगों के शव मिलने से सनसनी फैल गई है। पुलिस के अनुसार, इस सामूहिक मौत के पीछे अमीन के पद पर तैनात अशोक राठी का हाथ होने की आशंका है, जिन्होंने वारदात से पहले अपने एक रिश्तेदार को माफी का संदेश भेजा था।
सहारनपुर के सरसावा थाना क्षेत्र स्थित कौशिक विहार कॉलोनी में मंगलवार की सुबह दहशत और मातम लेकर आई। यहाँ रहने वाले अशोक राठी के घर के एक ही कमरे से पांच लोगों के शव बरामद हुए। मृतकों की पहचान अशोक राठी, उनकी मां, पत्नी और उनके दो किशोर बेटों के रूप में हुई है। जैसे ही पुलिस को इस सामूहिक मौत की सूचना मिली, इलाके को सील कर दिया गया और फॉरेंसिक टीमें साक्ष्य जुटाने में जुट गईं। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और पड़ोसियों के लिए यह विश्वास करना मुश्किल था कि एक शांत स्वभाव वाला परिवार इस तरह खत्म हो गया।
‘मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई…’ वह आखिरी व्हाट्सएप मैसेज
पुलिस जांच में सबसे बड़ा खुलासा अशोक राठी के मोबाइल फोन से हुआ है। सूत्रों के अनुसार, अशोक ने मंगलवार तड़के रात 3:00 बजे अपने एक रिश्तेदार को व्हाट्सएप पर एक संक्षिप्त लेकिन खौफनाक मैसेज भेजा था, जिसमें लिखा था- “मुझसे बहुत बड़ी गलती हो गई।” इस मैसेज के भेजे जाने के कुछ ही समय बाद यह दर्दनाक वारदात अंजाम दी गई। पुलिस अब इस मैसेज को सुसाइड नोट की तरह देख रही है और यह समझने की कोशिश कर रही है कि अशोक उस समय किस मानसिक स्थिति से गुजर रहे थे।
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पॉइंट ब्लैंक रेंज से दागी गईं गोलियां: 3 तमंचे बरामद
वारदात के बाद कमरे की तलाशी के दौरान पुलिस को तीन कंट्री मेड पिस्टल बरामद हुए हैं। डीआईजी (DIG) आशीष तिवारी के अनुसार, ये हथियार लाइसेंसी नहीं हो सकते। शवों की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि सभी को पॉइंट ब्लैंक रेंज (बेहद नजदीक से) गोली मारी गई है। अशोक के सीने पर गोली का निशान मिला है, जबकि उनके दोनों बेटों के माथे पर गोलियां दागी गई थीं। मां और पत्नी के शरीर पर भी गोलियों के निशान मिले हैं। पुलिस का मानना है कि यह मामला हत्या के बाद आत्महत्या का है, जहां संभवतः अशोक ने पहले परिवार को खत्म किया और फिर खुद को गोली मार ली।
डिप्रेशन और गांव बनाम शहर का विवाद
अशोक राठी के जीवन के पीछे की कहानी उनके डिप्रेशन की ओर इशारा करती है। करीब 3 साल पहले अपने पिता की मृत्यु के बाद उन्हें मृतक आश्रित कोटे से अमीन की नौकरी मिली थी। बताया जा रहा है कि कोविड के समय बीमार होने के बाद से वे मानसिक तनाव और डिप्रेशन में रहने लगे थे और उनका इलाज भी चल रहा था।
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पारिवारिक विवाद का एक पहलू यह भी सामने आया है कि अशोक सहारनपुर के अपने पैतृक गांव खारिबांस में रहना चाहते थे, जबकि परिवार के अन्य सदस्य शहर की कॉलोनी नहीं छोड़ना चाहते थे। हालांकि, परिवार के अन्य सदस्य इस विवाद के बारे में स्पष्ट रूप से कुछ नहीं बता पा रहे हैं। अशोक के दोनों बेटे होनहार छात्र थे; देव कक्षा 9 में और कार्तिक कक्षा 10 में पढ़ाई कर रहे थे।
इस भीषण घटना के बाद स्थानीय राजनीति में भी हलचल तेज हो गई है। कांग्रेस सांसद इमरान मसूद और भाजपा विधायक मुकेश चौधरी ने मौके पर पहुंचकर परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की और इसे एक बेहद दुखद घटना करार दिया। पुलिस ने सभी पांचों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मृतकों के मोबाइल फोन कब्जे में ले लिए हैं ताकि तकनीकी जांच के जरिए घटना की पूरी टाइमलाइन स्पष्ट की जा सके।
