

Prayagraj Students Hunger Strike: टीजीटी-पीजीटी भर्ती परीक्षा को पुरानी नियमावली और पुराने पैटर्न के आधार पर कराने की मांग को लेकर प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। सिविल लाइंस स्थित पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पर बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं धरने पर बैठे हैं। मांग पूरी नहीं होने पर पांच छात्र-छात्राओं ने आमरण अनशन शुरू कर दिया है।
इसी बीच एक अनशनकारी छात्रा की तबीयत बिगड़ने पर सिविल लाइंस पुलिस उसे इलाज के लिए स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई। आंदोलनकारी छात्रों ने आगे बड़े आंदोलन की तैयारी की भी बात कही है।
आंदोलन के तहत पांच छात्र-छात्राएं आमरण अनशन पर बैठे हैं। अनशन के दौरान एक छात्रा की तबीयत बेहद खराब हो गई। स्थिति को देखते हुए सिविल लाइंस थाने की पुलिस उसे स्वरूपरानी नेहरू अस्पताल ले गई, जहां उसका उपचार कराया गया। इसके बावजूद आंदोलनकारी छात्र अपनी मांग पर कायम हैं।
धरना स्थल पर छात्राओं ने संगीत और गायन के माध्यम से भी अपना विरोध दर्ज कराया। उनका कहना है कि उनका उद्देश्य किसी तरह का टकराव पैदा करना नहीं, बल्कि प्रदेश सरकार तक अपनी मांग पहुंचाना है। छात्र पुराने पैटर्न पर कम से कम दो अवसर देने की मांग कर रहे हैं।
प्रतियोगी छात्रों का कहना है कि टीजीटी-पीजीटी भर्ती की प्रक्रिया में नियम और परीक्षा पैटर्न में बदलाव से लंबे समय से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों के सामने परेशानी खड़ी हो गई है। छात्रों की मांग है कि नई व्यवस्था लागू करने से पहले पुराने अभ्यर्थियों के हितों को ध्यान में रखा जाए। उनका कहना है कि सरकार कम से कम दो अवसर पुराने पैटर्न के आधार पर उपलब्ध कराए, ताकि पहले से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को अचानक हुए बदलाव का नुकसान न उठाना पड़े।
छात्रों का कहना है कि उन्होंने पुरानी नियमावली के अनुसार अपनी तैयारी की है। ऐसे में भर्ती प्रक्रिया के बीच नियमों में बदलाव उनके लिए गंभीर समस्या पैदा कर सकता है। इसी मांग को लेकर धरना स्थल पर लगातार प्रदर्शन किया जा रहा है।
आंदोलन को समर्थन देने के लिए मिर्जापुर से दो नाबालिग भाई बहन अपनी मां के साथ पत्थर गिरजाघर धरना स्थल पहुंचे। दोनों ने सरकार से प्रतियोगी छात्रों की मांग पर विचार करने और पुराने पैटर्न के आधार पर परीक्षा कराने की अपील की।
धरना स्थल पर मौजूद छात्रों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द निर्णय नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रतियोगी छात्र महाआंदोलन की तैयारी की बात कह रहे हैं। फिलहाल धरना और आमरण अनशन जारी है और छात्रों की नजर सरकार की ओर से होने वाली पहल पर है।