

UP Board Online Attendance 2026: यूपी बोर्ड ने राजकीय, अशासकीय सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों और शिक्षणेतर कर्मचारियों की प्रतिदिन ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कई जिलों में ऑनलाइन हाजिरी की स्थिति बेहद खराब मिलने पर बोर्ड ने कड़ा रुख अपनाया है। समीक्षा में सामने आया कि प्रयागराज समेत 33 जिलों में ऑनलाइन उपस्थिति 10 प्रतिशत से भी कम है। बोर्ड सचिव भगवती सिंह ने संबंधित जिलों के जिला विद्यालय निरीक्षकों (डीआईओएस) को कार्रवाई के लिए पत्र जारी किया है।
बोर्ड सचिव ने निर्देश दिए हैं कि जिन विद्यालयों में ऑनलाइन उपस्थिति बेहद कम है, वहां तत्काल सुधार कराया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि 10 प्रतिशत या उससे कम ऑनलाइन उपस्थिति यह संकेत देती है कि शासन के निर्देशों का पालन गंभीरता से नहीं किया जा रहा है। इसे शिथिल पर्यवेक्षण का परिचायक भी माना गया है। सभी जिलों में राजकीय, सहायता प्राप्त और स्ववित्तपोषित विद्यालयों में छात्र-छात्राओं, शिक्षकों तथा शिक्षणेतर कर्मचारियों की शत-प्रतिशत ऑनलाइन उपस्थिति सुनिश्चित कराने को कहा गया है।
समीक्षा में भदोही की स्थिति सबसे चिंताजनक पाई गई। जिले में कुल 196 विद्यालयों में से एक भी विद्यालय में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज नहीं की गई। वहीं उन्नाव के 417 विद्यालयों में केवल दो, मीरजापुर के 308 में तीन, फर्रुखाबाद के 283 में तीन, सहारनपुर के 351 में चार और गोंडा के 516 विद्यालयों में महज सात स्कूलों ने ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज कराई।
प्रयागराज में कुल 1110 विद्यालय हैं। इनमें से केवल 17 विद्यालयों के शिक्षक ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज करा रहे हैं। बोर्ड ने छह दिन के भीतर व्यवस्था को पटरी पर लाने के निर्देश दिए हैं। राजधानी लखनऊ में भी स्थिति संतोषजनक नहीं है। यहां 778 विद्यालयों में से केवल 71 में ऑनलाइन उपस्थिति दर्ज की जा रही है।
10 प्रतिशत से कम ऑनलाइन उपस्थिति वाले जिलों में चित्रकूट, चंदौली, कानपुर नगर, मैनपुरी, सिद्धार्थनगर, आगरा, बलिया, सोनभद्र, हमीरपुर, आजमगढ़, कौशांबी, कानपुर देहात, जौनपुर, सुल्तानपुर, फतेहपुर, गाजीपुर, हाथरस, बुलंदशहर, लखनऊ, बांदा, बहराइच, हरदोई, अलीगढ़, फिरोजाबाद, देवरिया और गोरखपुर समेत अन्य जिले शामिल हैं। अब सभी 33 जिलों के डीआईओएस को कार्रवाई कर ऑनलाइन उपस्थिति बढ़ाने के निर्देश दिए गए हैं।