

5 लाख 96 हजार किसानों के खाते में भेजी धनराशि
पिछली किश्त की तुलना में पात्र किसानों की संख्या में हुई बढ़ोत्तरी
इस बार 4 हजार किसानों की संख्या में वृद्धि
PM Kisan Samman Nidhi Installment: उत्तर प्रदेश में सीमांत और छोटी जोत वाले किसानों की संख्या सर्वाधिक है। सीमित आय वाले इन किसानों को खेती-किसानी में कई तरह की आर्थिक मुश्किलों का सामना करना पड़ता है। दीपावली के पहले इन्हे एक बड़ा तोहफा मिला है। पीएम किसान सम्मान निधि 24 वीं किस्त अन्नदाता के खाते में भेजी गई जिसमें प्रयागराज के पांच लाख से अधिक किसान भी शामिल हैं।
डबल इंजन की सरकार की तरफ से दी जा रही आर्थिक मदद का अन्नदाता का इंतजार शुक्रवार को खत्म गया। दीपावली के पहले लघु और सीमांत किसानों के लिए लागू की गई पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किश्त सीधे उनके खातों में जारी कर दी गई।
प्रयागराज के कृषि उपनिदेशक पवन कुमार विश्वकर्मा बताते हैं कि प्रयागराज जिले में प्रयागराज जिले 5,96,022 अन्नदाता को 24 वीं किसान सम्मान निधि योजना उनके खाते मे सीधे भेज दी गई है। नई नियमावली के अनुसार जनपद के उन्हीं किसानों को इसका लाभ मिल है जिनकी फार्मर रेजिस्ट्री हो चुकी है।
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि की राशि डीबीटी के माध्यम से दो-दो हजार रुपये सीधे लाभार्थी के खाते में हस्तांतरित हुए हैं। इसमें पात्र किसान परिवार के एक सदस्य को प्रतिवर्ष छह हजार रुपये की आर्थिक सहायता वर्ष में दो-दो हजार रुपये प्रति किस्त के रूप में तीन बार में प्रदान किए जाने की व्यवस्था है। इधर हर साल किसान सम्मान निधि पाने वाले किसानों की संख्या बढ़ रही है। जो पात्र किसान अभी तक इसमे पंजीकृत नहीं थे उन्हे भी जोड़ने के लिए अभियान चलाया गया।
डीडी कृषि पवन कुमार विश्वकर्मा बताते हैं कि जपनद मे इस बार 119 करोड़ से अधिक की धनराशि सीधे किसानों के खातों मे भेजी गई। इसे लेकर प्रयागराज के विकास भवन मे एक कार्यक्रम का आयोजन भी किया गया जिसमे किसानों और प्रमुख प्रतिनिधियों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम मे प्रधानमंत्री जी के द्वारा शुक्रवार को प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजनांतर्गत बनासकांठा, गुजरात से पीएम किसान सम्मान निधि की 24वीं किस्त का हस्तांतरण कार्यक्रम का सीधा प्रसारण किया गया। इसमें जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा, मुख्य विकास अधिकारी हर्षिका सिंह उपस्थित रहे।
कुछ वर्षों पहले खेती में बढ़ती लागत के चलते तेजी से गांवों में खेती से किसान दूर हो रहे थे। लेकिन डबल इंजन की सरकार की तरफ से पीएम किसान सम्मान निधि योजना आने के बाद स्थितियां बदली हैं। योजना से मिलने वाली आर्थिक मदद से अब खेती की और उम्मीद बढ़ गई है। खाद और बीज के लिए जो किसान पहले साहूकारों से कर्ज लेते थे अब उन्हें साहूकारों पर नहीं निर्भर होना पड़ रहा है। उनके खाते में आने वाली किसान सम्मान निधि से उनका काम आसानी से हो जाता है।
खेती के साथ ही पशुपालन में भी यह निधि प्रयोग में लाई जा रही है। सम्मान निधि मिलने से किसान समय पर खाद-बीज खरीद लेते हैं और अगेती फसल लेने लगे हैं। जिससे उनका फसल उत्पादन बढ़ने लगा है और अन्नदाता की आय लगभग दोगुनी हो गई है। पिछली 23 वीं किश्त की तुलना मे 4 हजार किसानों की बढ़ोत्तरी हुई है।