प्रयागराज में MBBS सीट मिलने के बाद सुसाइड किया, NEET छात्रा ने पिता की पिस्टल से खुद को गोली मारी

Prayagraj Student Suicide: प्रयागराज में 18 वर्षीय छात्रा ने सुसाइड कर लिया। वह झूंसी थाना क्षेत्र की त्रिवेणीपुरम कॉलोनी में परिवार के साथ रहती थी और NEET की तैयारी कर रही थी।
Prayagraj NEET Student Suicide
छात्रा ने खुद को गोली मारकर सुसाइड किया(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • MBBS सीट आवंटित होने के बाद छात्रा ने सुसाइड किया

  • सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में मिली थी सीट

  • NEET 2026 में 10,74,272 थी ऑल इंडिया रैंक

Prayagraj NEET Student Suicide: प्रयागराज में 18 वर्षीय छात्रा ने सुसाइड कर लिया। वह झूंसी थाना क्षेत्र की त्रिवेणीपुरम कॉलोनी में परिवार के साथ रहती थी और NEET की तैयारी कर रही थी।

सोमवार को उसने कथित तौर पर अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल से खुद को गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मृतका की पहचान रितु शर्मा के नाम से हुई।

रितु के पिता डॉ. देवराज शर्मा भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) में इंजीनियर के पद से रिटायर्ड हैं। फिलहाल छात्रा के आत्महत्या करने की वजह स्पष्ट नहीं हुई है।

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सोनभद्र मेडिकल कॉलेज में आवंटित हुई थी MBBS सीट

रितु ने प्रयागराज के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) से 2022 में हाईस्कूल और 2024 में इंटरमीडिएट की पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने NEET की तैयारी शुरू की। 2026 में हुई NEET परीक्षा में उसकी ऑल इंडिया रैंक 10,74,272 आई थी।

सोमवार को उसे सोनभद्र के सरकारी मेडिकल कॉलेज में ईडब्ल्यूएस-दिव्यांग (EWPH) कोटे के तहत MBBS की सीट आवंटित हुई थी।

आंखों में परेशानी, OCD से भी पीड़ित थी छात्रा

जानकारी के मुताबिक, रितु की आंखों में परेशानी थी। इसके चलते उसका दिव्यांगता प्रमाणपत्र बना था। वह ऑब्सेसिव कंपल्सिव डिसऑर्डर (OCD) से भी पीड़ित थी। यह एक मानसिक स्वास्थ्य संबंधी स्थिति है, जिसमें व्यक्ति के मन में बार-बार अनचाहे विचार आ सकते हैं। इनसे होने वाली बेचैनी कम करने के लिए वह कुछ काम बार-बार करने की इच्छा या मजबूरी महसूस कर सकता है।

हालांकि, छात्रा की इन स्वास्थ्य संबंधी स्थितियों और आत्महत्या के बीच किसी संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि घटना किन परिस्थितियों में हुई।

गाजीपुर से प्रयागराज आया था परिवार

रितु का परिवार मूल रूप से गाजीपुर का रहने वाला था। उसके पिता डॉ. देवराज शर्मा ने करीब 6 साल पहले झूंसी थाना क्षेत्र के त्रिवेणीपुरम स्थित गंगा सेक्टर में मकान बनवाया था। इसके बाद परिवार प्रयागराज में रहने लगा।

परिवार में रितु के अलावा उसकी मां और जुड़वां भाई ऋषिराज हैं। ऋषिराज फिलहाल देहरादून में रहकर बीटेक की पढ़ाई कर रहा है।

पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जुटाए साक्ष्य

प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, घटना के समय रितु ने घर में रखी अपने पिता की लाइसेंसी पिस्टल का इस्तेमाल किया। गोली चलने की आवाज सुनकर परिजन और आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई।

झूंसी पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। फॉरेंसिक टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जांच की और जरूरी साक्ष्य जुटाए। पुलिस परिजनों से पूछताछ करने के साथ घटनास्थल से मिले साक्ष्यों की पड़ताल कर रही है।

आत्महत्या की वजह जानने में जुटी पुलिस

रितु NEET की तैयारी कर रही थी और उसे सरकारी मेडिकल कॉलेज में MBBS की सीट भी आवंटित हुई थी। इसके बावजूद उसने यह कदम किन परिस्थितियों में उठाया, इसकी जानकारी अभी सामने नहीं आई है। परीक्षा से जुड़े दबाव समेत अन्य संभावित पहलुओं की जांच की जा रही है।

पुलिस के मुताबिक, घटना की वास्तविक वजह जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल मामले की पड़ताल जारी है।

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