प्रयागराज में संगम तट पर सीमित हुआ स्नान क्षेत्र, उफान पर गंगा और यमुना, जानिए प्रशासन की क्या है तैयारी
Prayagraj Ganga Water level Alert: पहाड़ी इलाकों में भारी बारिश से प्रयागराज में गंगा और यमुना का जलस्तर 10-12 फीट बढ़ा। प्रशासन अलर्ट पर है और तटीय इलाकों के लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
- Written By: अनन्या तिवारी
प्रयागराज गंगा जल स्तर (सोर्स-IANS)
Prayagraj Ganga Yamuna Water Level Rise: पहाड़ी क्षेत्रों में लगातार हो रही बारिश और ऊपरी इलाकों से छोड़े जा रहे पानी के कारण प्रयागराज में गंगा और यमुना नदियों का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। हालांकि प्रशासन का कहना है कि फिलहाल स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है और किसी भी तटबंध को कोई खतरा नहीं है। बाढ़ जैसी स्थिति भी अभी नहीं बनी है। जिला प्रशासन और सिंचाई विभाग लगातार जलस्तर की निगरानी कर रहे हैं तथा नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है।
जलस्तर पर लगातार नजर
एहतियात के तौर पर नदी किनारे आजीविका चलाने वाले लोग अपने सामान को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने लगे हैं। प्रशासन का कहना है कि जलस्तर में लगातार हो रहे बदलाव पर नजर रखी जा रही है और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल राहत एवं बचाव के कदम उठाए जाएंगे।
पहाड़ी बारिश से प्रयागराज प्रभावित
स्थानीय लोगों का कहना है कि पिछले कुछ दिनों से गंगा और यमुना का जलस्तर लगातार बढ़ रहा है। एक स्थानीय निवासी ने बताया कि जब भी पहाड़ी क्षेत्रों या ऊपरी राज्यों में बारिश होती है तो उसका असर प्रयागराज में जरूर दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि संगम वह स्थान है जहां गंगा, यमुना और अदृश्य सरस्वती का संगम माना जाता है, इसलिए विभिन्न नदियों का पानी यहां आकर मिलता है। यही वजह है कि स्थानीय स्तर पर बारिश न होने के बावजूद भी जलस्तर बढ़ जाता है।
सम्बंधित ख़बरें
जूनियर असिस्टेंट भर्ती विवाद: इलाहाबाद हाईकोर्ट के जज ने मामले से खुद को किया अलग, अब नई पीठ करेगी सुनवाई
UP विधानसभा में आज अनुपूरक बजट पेश करेगी योगी सरकार, एक्सप्रेसवे, रोजगार और किसानों के लिए खुल सकता है खजाना
महोबा: तीन बच्चों की मां प्रेमी संग फरार, पति पर निर्दोष ग्रामीणों को फंसाने के गंभीर आरोप
अफजाल अंसारी को इलाहाबाद हाईकोर्ट से बड़ी राहत, शस्त्र लाइसेंस मामले में गिरफ्तारी पर रोक
उन्होंने बताया कि संगम क्षेत्र में प्रतिदिन बड़ी संख्या में स्थानीय लोग और श्रद्धालु घूमने-फिरने तथा धार्मिक गतिविधियों के लिए आते हैं। मौसम सुहावना होने के कारण लोगों की आवाजाही बनी हुई है, लेकिन प्रशासन द्वारा लोगों से सावधानी बरतने की अपील की जा रही है।
10 फीट की बढ़ोतरी
एक अन्य स्थानीय निवासी ने बताया कि दो दिन पहले जलस्तर कुछ कम हुआ था, लेकिन पिछले दो दिनों में यह फिर तेजी से बढ़ा है। नदी का जलस्तर करीब 10 से 12 फीट तक बढ़ चुका है, जिससे नदी किनारे के इलाकों में सतर्कता बढ़ा दी गई है।
यह भी पढ़ें Census 2027: इस बार डिजिटल होगी जनगणना, घर बैठे भर सकेंगे फॉर्म, जानें जाति और माता-पिता से जुड़े नए नियम
जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे
वहीं, संगम में नियमित स्नान करने आने वाले एक श्रद्धालु ने बताया कि वह रोज नदी में स्नान करने आते हैं। उन्होंने कहा कि दो-तीन दिन पहले तक लोग नदी के भीतर काफी दूर तक जा सकते थे, लेकिन अब पानी बढ़ने के कारण स्नान का क्षेत्र सीमित हो गया है। हालांकि अभी जलस्तर खतरे के निशान से काफी नीचे है लेकिन इसमें लगातार वृद्धि हो रही है।
उत्तर प्रदेश प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे नदी के बढ़ते जलस्तर को देखते हुए सतर्क रहें अनावश्यक रूप से गहरे पानी में न जाएं और प्रशासन द्वारा जारी दिशा-निर्देशों का पालन करें। फिलहाल हालात सामान्य हैं लेकिन लगातार निगरानी रखी जा रही है ताकि किसी भी संभावित स्थिति से समय रहते निपटा जा सके।
-IANS
