

पहली बार बोरों की होगी डिजिटल ट्रैकिंग
बोरो पर QR कोड का होगा इस्तेमाल
पहली बार 48 घंटे में होगा किसानों का भुगतान
पहले 3 से 4 दिनों में होता था भुगतान
Digital Monitoring Initiative: उत्तर प्रदेश में धान पैदा करने वाले किसानों की सहूलियत के लिए योगी सरकार धान खरीद की प्रक्रिया को सरल और प्रभावी बना रही है। इसके लिए एक तरफ बढ़ी हुई एमएसपी पर सरकार धान की खरीद कर रही है तो वहीं दूसरी तरफ धान क्रय केंद्रों की संख्या में बढ़ोत्तरी की गई है। सरकार ने बिचौलियों के दखल और कालाबाजारी से मुक्ति के लिए कई नए कदम उठाए हैं।
उत्तर प्रदेश के किसानों को उनकी फसल का उचित मूल्य मिले प्रदेश सरकार इसके लिए निरंतर प्रयास कर रही है। प्रदेश सरकार किसानों की फसल का उचित मूल्य तय करने के बाद इस बार किसानों के फसलों की खरीद भी बढ़ी हुई एमएसपी पर कर रही है। खरीफ सीजन के लिए धान की खरीद की शुरुआत 1 नवंबर से हो रही है। खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के अंतर्गत पूर्वी उत्तर प्रदेश के संभागों में पहली नवंबर से धान खरीद होनी थी एक नवंबर को अवकाश होने की वजह से 2 नवंबर से शुरू होकर 28 फरवरी 2027 तक चलेगी। योगी सरकार ने इस वर्ष धान के न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) में वृद्धि भी की है। धान (कॉमन) का एमएसपी 2441 और (ग्रेड ए) का 2461 रुपये प्रति कुंतल तय किया गया है।
प्रयागराज के संभागीय खाद्य विपणन नियंत्रक राजू पटेल बताते हैं कि प्रयागराज संभाग में इस बार 5.63 लाख मीट्रिक टन धान क्रय का लक्ष्य रखा गया है । इसके अंतर्गत जनपद प्रयागराज में 2.8 लाख मीट्रिक टन, कौशाम्बी में 62 हजार मीट्रिक टन, फतेहपुर में 1.15 लाख मीट्रिक टन एवं प्रतापगढ़ में 1.06 मीट्रिक टन धान खरीद का लक्ष्य निर्धारित है।
धान की खरीद को सहज और आसान बनाने के लिए इस बार योगी सरकार की तरफ से कई कदम उठाए गए हैं। अब तक धान की खरीद के लिए ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन करना पड़ता था लेकिन अब जिन किसानों की फॉर्मर रजिस्ट्री बन चुकी है वह सीधे इससे अपने धान की तुलाई करवा सकते हैं। धान की कीमत के भुगतान की प्रणाली में भी सुधार किया गया है। पहले धान की कीमत के भुगतान में 3-4 दिन लगते लेकिन अब पीएफएमएस प्रणाली से वेरिफिकेशन के बाद 48 घंटे के अंदर की किसान के खाते में बैंक से सीधे पैसा पहुंच जाएगा।
पहली बार धान की ढुलाई सिर्फ GPS वाले ट्रकों से होगी। इसी तरह पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर चावल के बोरों पर पहली बार QR कोड से ट्रैकिंग की जाएगी ताकि कालाबाजारी पर रोक लग सके। खरीद सहज बनाने के लिए मंडल में 361 धान क्रय केंद्रों की स्थापना की गई। इसमें जनपद प्रयागराज में 159, कौशाम्बी में 41, फतेहपुर में 65 एवं प्रतापगढ़ में 96 अनुमोदित किये गये है।
प्रयागराज संभागीय खाद्य विपणन नियंत्रक राजू पटेल का कहना है कि संभाग में अभी तक 4513 किसानों का रजिस्ट्रेशन हो चुका है। इसमें जनपद प्रयागराज में 1632, कौशाम्बी में 946, फतेहपुर में 1599 एवं प्रतापगढ़ से 336 किसान शामिल हैं।