कानपुर में बड़ी कार्रवाई: लखनऊ अग्निकांड के बाद फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थान सील

Kanpur Coaching Institutes: लखनऊ अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने काकादेव कोचिंग हब में बड़ी कार्रवाई करते हुए फिजिक्स वाला समेत 22 कोचिंग संस्थानों को सील कर दिया।
Kanpur 22 Institutes Including Physics Wallah Sealed After Lucknow Fire Tragedy
कानपुर विकास प्राधिकरण (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Kanpur Coaching Institutes Sealed: लखनऊ के कोचिंग सेंटर में कल हुए भीषण अग्निकांड के बाद कानपुर विकास प्राधिकरण (KDA) ने सोमवार शाम से लेकर मंगलवार को काकादेव कोचिंग हब में बड़ी कार्रवाई की। KDA टीम ने मानकों का उल्लंघन करने वाले 22 कोचिंग संस्थानों को फौरन ही सील कर दिया ।

किन संस्थानों पर हुई कार्रवाई?

सील किए गए प्रमुख संस्थानों में फिजिक्स वाला, वर्कस्पेस, महेंद्रा तथा केमिस्ट्री वाले संजीव राठौर शामिल हैं । KDA ने अधिकारियों ने बताया कि इस पहले चरण में काकादेव, शताब्दीनगर और जवाहरपुरम सहित विभिन्न जोनों में कार्रवाई की गई, जिसमें 30 से 35 स्थानों को सील किया गया ।

क्यों हुई कार्रवाई?

KDA सचिव अभय कुमार पांडे ने बताया कि यह अभियान लखनऊ अग्निकांड के बाद लगातार चलाया जा रहा है, जिसमें 15 लोगों की मौत हो गई थी । निरीक्षण के दौरान कई संस्थानों में अग्नि सुरक्षा मानकों का पालन न करने, भवन निर्माण नियमों के उल्लंघन और आवश्यक अनुमोदन न होने जैसी अनियमितताएं पाई गईं । अधिकारियों ने बताया कि बेसमेंट का पार्किंग के अलावा अन्य गतिविधियों के लिए उपयोग करने वाले संस्थानों को भी सील किया जाएगा ।

स्थानीय लोगों की प्रतिक्रिया

हालांकि, इस कार्रवाई को लेकर कई सवाल भी उठ रहे हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि शहर में सैकड़ों कोचिंग संस्थान वर्षों से बिना पंजीकरण और अग्नि सुरक्षा मानकों के संचालित हो रहे हैं, लेकिन प्रशासन आम दिनों में कार्रवाई नहीं करता। उनका कहना है कि किसी बड़े हादसे के बाद ही प्रशासन सक्रिय होता है और फिर कुछ दिनों तक अभियान चलाकर कार्रवाई की खानापूरी की जाती है ।

आगे की योजना

KDA अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा । दूसरे चरण में 22 और संस्थानों को चिन्हित किया गया है, जिन पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी । केडीए ने कहा है कि किसी भी संस्थान को उसके नाम या लोकप्रियता के आधार पर छूट नहीं दी जाएगी ।