

Mumbai Crime Branch MD Drug Raid: मांडा थाना क्षेत्र के कोसड़ा कला इलाके में खेत के बीच बने शेड में कथित तौर पर संचालित करोड़ों रुपये की एमडी ड्रग फैक्ट्री का मुंबई क्राइम ब्रांच द्वारा भंडाफोड़ किए जाने के बाद स्थानीय पुलिस की कार्यप्रणाली भी सवालों के घेरे में आ गई है। मुंबई से आई टीम ने जांच के सिलसिले में यहां कार्रवाई की तो नशीले पदार्थ तैयार करने के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल, लैब उपकरण और भारी मात्रा में एमडी ड्रग बरामद होने की बात सामने आई। अब बड़ा सवाल यह है कि इतने बड़े पैमाने पर चल रही कथित अवैध गतिविधि की जानकारी स्थानीय पुलिस और उसके खुफिया तंत्र को क्यों नहीं हुई।
महाराष्ट्र में एमडी ड्रग की बरामदगी के बाद शुरू हुई जांच की कड़ियां प्रयागराज के मांडा क्षेत्र तक पहुंचीं। इसके बाद मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम ने यहां पहुंचकर कार्रवाई की और कोसड़ा कला क्षेत्र में कथित ड्रग फैक्ट्री का पता लगाया।
खेत में बने शेड से ड्रग तैयार करने में इस्तेमाल होने वाले रसायन और लैब उपकरण मिलने के बाद पूरे मामले ने गंभीर रूप ले लिया। जांच एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि यहां कब से ड्रग तैयार किया जा रहा था और तैयार माल की सप्लाई किन-किन स्थानों पर की जाती थी।
मामले में सबसे अहम सवाल स्थानीय पुलिस की निगरानी और खुफिया तंत्र को लेकर उठ रहा है। जिस स्थान पर कथित तौर पर ड्रग निर्माण जैसी गंभीर गतिविधि चल रही थी, वहां बड़ी मात्रा में केमिकल और लैब उपकरण मौजूद थे। ऐसे में सवाल है कि स्थानीय पुलिस की नियमित गश्त, मुखबिर तंत्र और निगरानी व्यवस्था को इसकी जानकारी क्यों नहीं मिली।
मुंबई क्राइम ब्रांच के पहुंचने के बाद मामले का खुलासा होने से स्थानीय पुलिस की सक्रियता को लेकर भी सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि, स्थानीय पुलिस की भूमिका को लेकर लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है और इस संबंध में पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आना अभी बाकी है।
ड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद अब जांच सिर्फ आरोपितों और ड्रग नेटवर्क तक सीमित रहने के बजाय स्थानीय स्तर पर निगरानी तंत्र की भूमिका तक पहुंचने की जरूरत महसूस की जा रही है। यह पता लगाया जाना जरूरी है कि कथित फैक्ट्री कितने समय से संचालित थी, शेड और जमीन किसके जरिए इस्तेमाल में लाई गई और वहां आने-जाने वाले लोगों पर स्थानीय स्तर पर कभी संदेह क्यों नहीं हुआ।
इसके साथ ही यह भी जांच का विषय है कि ड्रग निर्माण के लिए इस्तेमाल होने वाले केमिकल और उपकरण वहां तक कैसे पहुंचे। तैयार एमडी ड्रग की सप्लाई कहां-कहां होती थी और इस नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग जुड़े थे।
मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई ने प्रयागराज में सक्रिय नशे के संभावित बड़े नेटवर्क की ओर इशारा किया है। अब जांच आगे बढ़ने के साथ यह भी स्पष्ट होगा कि इस पूरे नेटवर्क का दायरा कितना बड़ा था और स्थानीय स्तर पर इसकी जानकारी किस-किस को थी।
इतने बड़े पैमाने पर कथित ड्रग निर्माण की जानकारी स्थानीय पुलिस को क्यों नहीं हुई?
खेत में बने शेड तक केमिकल और लैब उपकरण पहुंचते रहे, फिर निगरानी तंत्र सक्रिय क्यों नहीं हुआ?
मुंबई क्राइम ब्रांच की कार्रवाई के बाद सामने आए नेटवर्क में स्थानीय स्तर पर कौन-कौन लोग जुड़े हैं?
मांडा क्षेत्र में कथित एमडी ड्रग फैक्ट्री के खुलासे के बाद पुलिस और जांच एजेंसियों की सक्रियता बढ़ने की उम्मीद है। फिलहाल पूरे नेटवर्क की जांच, ड्रग के स्रोत और सप्लाई चैन को खंगालना सबसे अहम माना जा रहा है। साथ ही स्थानीय पुलिस की भूमिका और कथित लापरवाही से जुड़े सवालों का जवाब भी जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।