शत्रु संपत्तियों के नीलामी की तैयारी तेज; 42 संपत्तियों के लिए ऑनलाइन प्रक्रिया शुरू, जानें आवेदन की पात्रता

Enemy Property Auction Prayagraj: प्रयागराज मंडल में चिन्हित शत्रु संपत्तियों की नीलामी प्रक्रिया तेज हो गई है। सदर, करछना, फूलपुर और सोरांव तहसील क्षेत्रों की 42 संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी होगी।
Auction Process Begins for Enemy Properties in Prayagraj Division Identified for Online Auction
शत्रु संपत्ति (सोर्स- सोशल मीडिया)
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Enemy Properties in Prayagraj Division: प्रयागराज मंडल के चार जिलों में चिन्हित करीब 400 शत्रु संपत्तियों को नीलाम करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। भारत सरकार के गृह मंत्रालय की ओर से इन संपत्तियों की नीलामी की तैयारी की जा रही है। प्रयागराज में कुछ शत्रु संपत्तियों की नीलामी पहले ही की जा चुकी है।

अब सदर, करछना, फूलपुर और सोरांव तहसील क्षेत्रों में चिन्हित 42 संपत्तियों की नीलामी की तैयारी चल रही है। इन संपत्तियों की ऑनलाइन नीलामी होगी और इसके लिए कोई भी पात्र व्यक्ति आवेदन कर सकेगा।

क्या होती है शत्रु संपत्ति

शत्रु संपत्ति उन अचल अथवा चल संपत्तियों को कहा जाता है, जिन्हें 1947, 1962, 1965 और 1971 के युद्धों के दौरान भारत छोड़कर पाकिस्तान या चीन चले गए लोगों ने भारत में छोड़ा था। ऐसी संपत्तियों का प्रबंधन केंद्र सरकार के गृह मंत्रालय के अधीन कस्टोडियन ऑफ एनीमी प्रॉपर्टी फॉर इंडिया (सीईपीआई) के माध्यम से किया जाता है।

कौशांबी में कुल 277 शत्रु संपत्तियां दर्ज

सरकारी आंकड़ों और गृह मंत्रालय के अधीन सीईपीआई की रिपोर्ट के अनुसार प्रयागराज मंडल में 700 से अधिक शत्रु संपत्तियां दर्ज हैं। इनमें सबसे अधिक संपत्तियां कौशांबी जिले में चिन्हित की गई हैं। कौशांबी में कुल 277 शत्रु संपत्तियां दर्ज हैं, जबकि प्रयागराज में 187 संपत्तियां चिन्हित हैं।

कौशांबी के मंझनपुर तहसील क्षेत्र में सबसे ज्यादा 197 शत्रु संपत्तियां चिन्हित हैं। इसी तरह फतेहपुर जिले में 127 शत्रु संपत्तियां दर्ज की गई हैं। फतेहपुर प्रशासन की ओर से सर्वे कर बिंदकी, खागा और जहानाबाद क्षेत्रों में कई शत्रु संपत्तियों की पहचान की गई है।

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शासन को भेजी संपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट

इन चिन्हित संपत्तियों में जहानाबाद की कई दुकानें और बाग भी शामिल हैं। इन संपत्तियों से संबंधित रिपोर्ट शासन को भेजी जा चुकी है। इनकी नीलामी और कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई की जा रही है। बिंदकी तहसील में 80 और खागा तहसील में 47 शत्रु संपत्तियां दर्ज की जा चुकी हैं।

जल्द होगी कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई

प्रतापगढ़ में भी शत्रु संपत्तियों की नीलामी की तैयारी चल रही है। गृह मंत्रालय के अधिकारियों के निर्देश के बाद मंडल में इस प्रक्रिया को तेज कर दिया गया है। जिन शत्रु संपत्तियों पर अवैध कब्जे हैं, उन्हें कब्जा मुक्त कराने की कार्रवाई भी शुरू की जाएगी।

मुख्य राजस्व अधिकारी लालता प्रसाद ने बताया कि शत्रु संपत्तियों पर कब्जे के खिलाफ अभियान चलाने की तैयारी की जा रही है। प्रशासन का उद्देश्य चिन्हित संपत्तियों को नियमानुसार कब्जा मुक्त कराकर नीलामी की प्रक्रिया को आगे बढ़ाना है।

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