प्रयागराज में पकड़ा गया गिरोह, फोटो- सोशल मीडिया
Prayagraj Human trafficking ring Exposed: संगम नगरी के कीडगंज इलाके में उस समय हड़कंप मच गया जब पुलिस ने एक महिला आईएएस अधिकारी के किराए के मकान में चल रहे देह व्यापार के धंधे का पर्दाफाश किया। पड़ोसियों की शिकायत और पुलिस की गोपनीय निगरानी के बाद हुई इस कार्रवाई ने पूरे शहर को चौंका दिया है।
प्रयागराज के पुराने और घनी आबादी वाले कीडगंज इलाके में स्थित यह मकान एक महिला आईएएस अधिकारी का है। इसे करीब तीन महीने पहले सर्वेश दुबे नामक व्यक्ति को 15 हजार रुपये प्रतिमाह के किराए पर दिया गया था। किराये के एग्रीमेंट में स्पष्ट शर्त रखी गई थी कि मकान का उपयोग केवल परिवार के रहने के लिए होगा। शुरुआत में सर्वेश ने इस भरोसे को बनाए रखने के लिए अपने परिवार को वहां रखा ताकि मोहल्ले वालों को किसी भी तरह का संदेह न हो। हालांकि, कुछ समय बाद उसने अपने परिवार को अतरसुया स्थित पुराने घर भेज दिया और इस घर को एक अवैध अड्डे में तब्दील कर दिया।
मकान में परिवार के जाने के बाद गतिविधियों में अचानक बदलाव आने लगा। दिन और विशेष रूप से रात के समय अनजान लड़कों और लड़कियों की आवाजाही ने पड़ोसियों के मन में शक पैदा कर दिया। जब यह सिलसिला लगातार बढ़ता गया, तो स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने सीधे छापा मारने के बजाय पहले गोपनीय तरीके से निगरानी की और संदिग्ध गतिविधियों की पुष्टि होते ही एक विशेष टीम का गठन किया। छापेमारी के दौरान जब अंदर से दरवाजा नहीं खुला, तो पुलिस ने जबरन प्रवेश किया।
पुलिस जैसे ही घर के अंदर दाखिल हुई, वहां का नजारा चौंकाने वाला था। मकान के हर कमरे में लड़के और लड़कियां आपत्तिजनक हालत में पाए गए। पुलिस ने मौके से चार युवतियों और चार युवकों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में पता चला कि पकड़ी गई लड़कियों में एक पश्चिम बंगाल, एक वाराणसी और दो प्रयागराज की रहने वाली हैं, जबकि चारों युवक स्थानीय निवासी हैं। घर के बाहर निगरानी कर रहा सरगना सर्वेश दुबे भी पुलिस के हत्थे चढ़ गया।
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पुलिस की प्रारंभिक जांच में यह बात साफ हो गई है कि इस पूरे गोरखधंधे में मकान मालिक महिला आईएएस अधिकारी की कोई संलिप्तता नहीं है। उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं थी कि उनके घर में किरायेदार द्वारा ऐसी अवैध गतिविधियां संचालित की जा रही हैं। फिलहाल, पुलिस ने अनैतिक देह व्यापार (निवारण) अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है और यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस रैकेट के तार और किन शहरों से जुड़े हैं।