ओम प्रकाश राजभर (सोर्स- सोशल मीडिया)
OP Rajbhar: यूपी में अगले साल यानी 2027 में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। इन चुनावों को लेकर सियासी दलों ने जोर-शोर से तैयारियां शुरू कर दी हैं। इसी कड़ी में सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और योगी आदित्यनाथ सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने बड़ा दावा किया है।
ओम प्रकाश राजभर ने 2027 के रण में एनडीए गठबंधन में प्रदेश की 62 सीटों पर अपनी पार्टी का दावा ठोंकने के संकेत दिए हैं। सुभासपा सुप्रीमो ओपी राजभर ने सोमवार को गोरखपुर में कहा कि उनकी पार्टी इस बार विधानसभा चुनाव में 62 सीटों पर तैयारी कर रही है।
ओपी राजभर ने बताया कि जिन सीटों पर वो दावा कर रहे हैं उनमें ज्यादातर सीटें पूर्वी और मध्य यूपी के जिलों की हैं। राजभर ने कहा कि कुछ सीटों पर सहयोगी पार्टियों के साथ फ्रेंडली फाइट भी होगी। साथ ही कहीं-कहीं नाम मात्र के लिए पार्टी के सिंबल पर प्रत्याशी लड़ाया जा सकता है।
राजभर ने NDA गठबंधन में सुभासपा की लगातार मौजूदगी से जुड़े सवाल का भी जवाब दिया। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी NDA गठबंधन नहीं छोड़ेगी। राजभर महाराजगंज में एक जनसभा में शामिल होने जाते समय गोरखपुर में रुके थे। इस दौरान उन्होंने गोरखपुर में सुभासपा कार्यकर्ताओं के साथ एक बैठक भी की।
राजभर ने कहा कृषि प्रधान देश अब जाति प्रधान हो गया है। राजनीतिक पार्टियां भी इन्हीं आधारों पर बंट गई हैं। यही सच है और इसे नकारा नहीं जा सकता। उन्होंने आरोप लगाया कि समाजवादी पार्टी ने मुस्लिम समुदाय के साथ विश्वासघात किया है। चार बार सत्ता में रहने के बावजूद पार्टी ने कभी किसी मुस्लिम को मुख्यमंत्री नहीं बनाया। राजभर ने दावा किया कि आजम खान को जेल भेजने की साजिश सपा ने ही रची थी।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव, शिवपाल यादव और रामगोपाल यादव भाजपा के साथ करीबी संबंध बनाए हुए हैं। राष्ट्रीय स्तर पर सपा असल में भाजपा की ‘बी टीम’ के तौर पर काम करती है। इसके नेता सुबह भाजपा की आलोचना वाले बयान देते हैं और शाम को भाजपा सदस्यों को गुलदस्ते भेंट करते हैं। इसके अलावा शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सपा के एजेंट के तौर पर काम करते हैं।
यह भी पढ़ें: बंगाल में BJP उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी, 144 सीटों पर उतारे कैंडिडेट्स; जानिए कौन कहां से लड़ेगा चुनाव?
ओपी राजभर ने आजाद समाज पार्टी के चंद्रशेखर आजाद ‘रावण’ की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि फिलहाल आजाद ही एकमात्र ऐसे व्यक्ति हैं जो सचमुच दिवंगत मान्यवर कांशीराम के दिखाए रास्ते पर चलने की कोशिश कर रहे हैं। राजभर ने याद दिलाया कि कांशीराम ने 1981 में ‘DS4’ संगठन की स्थापना की थी। आज राजनीतिक दल केवल अपने स्वार्थों के लिए कांशीराम के नाम का दुरुपयोग कर रहे हैं।