नोएडा श्रमिक प्रदर्शन (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
Noida Workers Protest: उत्तर प्रदेश के गौतमबुद्ध नगर जिले के नोएडा में श्रमिकों के बवाल पर सोशल मीडिया पर अफवाहों का दौर जारी है। इस बीच सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर तेजी से खबर वायरल हो रही है, जिसमें दावा किया जा रहा है कि नोएडा में हुए बवाल के दौरान पुलिस फायरिंग 14 लोगों की मौत हो गई और 32 लोग घायल हैं।
खबर सामने आने के बाद नोएडा पुलिस ने मामले को संज्ञान में लेते हुए इस दावे को फर्जी करार दिया है। साथ ही अफवाह फैलाने वाले दो एक्स हैंडल पर एफआईआर दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने कांग्रेस नेता Mir_Ilyas_INC नाम के x हैंडल और @Proudindiannavi Anushi Tiwari नाम के x हैंडल पर एफआईआर दर्ज किया है।
पुलिस ने ट्वीट कर लोगों से अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही वायरल ट्वीट का फैक्ट चेक करते हुए दावे को फर्जी बताया। पुलिस ने बताया कि प्रदर्शन मामले में स्थिति नियंत्रण के लिए न्यूनतम बल का प्रयोग किया गया। पुलिस द्वारा कहीं भी गोलीबारी नहीं की गई। झूठी और भ्रामक जानकारी फैलाने और लोगों को उकसाने के लिए कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
गौतम बुद्ध नगर में पिछले तीन दिनों से चल रहे श्रमिकों के उग्र प्रदर्शन को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस पूरी तरह सतर्क है। रविवार को उद्योगपतियों और विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ जिलाधिकारी मेधा रूपम ने बैठक कर समीक्षा की। सोमवार को प्रस्तावित प्रदर्शनों को ध्यान में रखते हुए जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। जिलाधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि संभावित प्रदर्शन को देखते हुए सेक्टर, जोनल और स्टेटिक मजिस्ट्रेट की तैनाती कर दी गई है। इसके अतिरिक्त कुछ संवेदनशील क्षेत्रों को चिन्हित कर वहां विशेष रूप से अधिकारियों को तैनात किया गया है, ताकि किसी भी अप्रिय घटना को पहले ही रोका जा सके।
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मजदूरों ने सैलरी बढ़ाने, ओवर टाइम का सही से भुगतान न करने, छुट्टी और बोनस जैसे मुद्दे को लेकर प्रदर्शन किया, लेकिन देखते ही देखते ही भारी संख्या में कर्मचारियों ने सड़कों पर आने से माहौल बिगड़ गया। आगजनी-पत्थरबाजी और तोड़फोड़ होने लगी। मामला बिगड़ता देख पुलिस भी मौके पर पहुंची और आंसू गैस के गोले छोड़कर भीड़ को तितर बितर किया। बीती रात सरकार द्वारा सरकार द्वारा अधिकतर मांगें मान ली थीं, लेकिन आज फिर प्रदर्शन उग्र हो गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी मामले का संज्ञान लेते हुए कई निर्देश दिए।