नोएडा से लेकर फरीदाबाद तक हाहाकार, ‘सैलरी संग्राम’ में धधक उठी सड़कें, कई फैक्ट्रियों में काम बंद
Noida Workers Protest Today: नोएडा और फरीदाबाद में वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए हैं, जिससे भारी हिंसा, आगजनी और सड़कों पर लंबे जाम की स्थिति पैदा हो गई है।
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
नोएडा में प्रोटेस्ट, फोटो- सोशल मीडिया
Noida Protest News In Hindi: दिल्ली से सटे दो सबसे बड़े औद्योगिक केंद्रों, नोएडा और फरीदाबाद में आज सुबह जो मंजर देखने को मिला, उसने पूरे एनसीआर की रफ्तार पर ब्रेक लगा दिया है। सोमवार का दिन धुएं, पत्थरबाजी और आक्रोशित नारों की भेंट चढ़ गया। वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर पिछले तीन दिनों से सुलग रहा गुस्सा आज बेकाबू होकर सड़कों पर उतर आया।
नोएडा के फेज-2 और सेक्टर-84 के इलाकों में हालात उस वक्त तनावपूर्ण हो गए जब प्रदर्शनकारी शांतिपूर्ण धरने को छोड़कर उग्र हो गए। मांगों पर सुनवाई न होने से नाराज वर्कर्स ने वहां खड़ी गाड़ियों को आग के हवाले कर दिया। देखते ही देखते हिंसा की लपटें सेक्टर-59, 60 और 62 तक फैल गईं।
फैक्ट्रियों में काम पूरी तरह ठप
जहां एक तरफ हिंसा बड़े इलाके में फैल गई, वहीं फैक्ट्रियों में काम पूरी तरह ठप हो गया। कई जगहों पर पत्थरबाजी कर वाहनों के शीशे तोड़ दिए गए हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो गई है कि प्रशासन को माहौल नियंत्रित करने के लिए पुलिस बल के साथ-साथ पीएसी और आरएएफ की तैनाती करनी पड़ी है। फरीदाबाद के सेक्टर-37 में भी तनाव चरम पर है, जहां मदरसन जैसी बड़ी कंपनियों के मजदूर काम छोड़कर सड़कों पर विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं।
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इतना क्यों भड़क गए हैं नोएडा के वर्कर्स?
इस पूरे बवाल के पीछे की मानवीय कहानी को समझना भी जरूरी है। प्रदर्शन में शामिल महिला कर्मचारियों में से एक वर्कर सीमा ( परिवर्तित नाम ) का कहना है कि आज के दौर में जब सिलेंडर और सब्जियां आसमान छू रही हैं, तब पुराने वेतन में गुजारा करना नामुमकिन हो गया है। कर्मचारियों की मांग बहुत स्पष्ट है- उन्हें कम से कम 20,000 रुपये का वेतन चाहिए। उनका आरोप है कि जब उन्होंने अपने हक के लिए आवाज उठाई, तो उनके साथ मारपीट की गई।
लिखित गारंटी पर अड़े वर्कर्स
यही वह चोट और अपमान का अहसास है जिसने इस आंदोलन को इतना हिंसक बना दिया है कि कर्मचारी अब किसी भी मौखिक आश्वासन को मानने को तैयार नहीं हैं। वे अब प्रशासन और कंपनियों से लिखित गारंटी मांग रहे हैं।
करना पड़ा ट्रैफिक डायवर्जन
इस अशांति का सीधा असर उन हजारों लोगों पर पड़ा है जो रोजाना इन रास्तों से अपने दफ्तर पहुंचते हैं। सेक्टर-60 और 62 के आसपास मुख्य मार्गों पर जाम लग जाने से ट्रैफिक व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। नोएडा पुलिस ने स्थिति को देखते हुए तत्काल ट्रैफिक एडवाइजरी जारी की है। नोएडा सेक्टर-62 फोर्टिस हॉस्पिटल के पास प्रदर्शन की वजह से वाहनों को डायवर्ट किया गया है, वहीं सेक्टर-59 मेट्रो स्टेशन के नीचे से यातायात का संचालन कराया जा रहा है। अगर आप भी इन रास्तों से गुजरने वाले हैं, तो वैकल्पिक मार्गों का चुनाव करना ही समझदारी होगी, क्योंकि कई इलाकों में अभी भी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और पुलिस की सख्ती के बावजूद भीड़ हटने का नाम नहीं ले रही है।
#WATCH | Uttar Pradesh: Police vehicles vandalised and a few other vehicles torched during a protest by a large number of employees of a company over their demands for a salary increment, in Phase 2 of Noida. pic.twitter.com/Gpspoo6UQz — ANI (@ANI) April 13, 2026
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पुलिस के पहरे में नोएडा और आस पास के इलाके
फिलहाल नोएडा और फरीदाबाद के कई सेक्टर किसी छावनी में तब्दील नजर आ रहे हैं। अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और बातचीत की मेज पर लाने की कोशिशों में जुटे हैं, लेकिन सफलता हाथ लगती नहीं दिख रही। कुछ जगहों पर प्रदर्शनकारियों ने जबरन कारखानों में घुसकर अधिकारियों को घेर लिया है, जिससे कंपनी मालिकों की चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन ने पिछले दिनों आश्वासन तो दिया था, लेकिन ठोस नतीजे न मिलने से पैदा हुए इस भरोसे के संकट ने एनसीआर के इस औद्योगिक बेल्ट को एक बड़े अनिश्चित काल के संकट में डाल दिया है। आने वाले कुछ घंटे और दिन यह तय करेंगे कि यह ‘सैलरी संग्राम’ बातचीत से थमेगा या असंतोष की यह आग और तेज होगी।
