

Supreme Court Order On Meerut Central Market: सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट मामले में एमडीए द्वारा चिन्हित जोन ए की 16,726 अवैध व्यावसायिक इमारतों को सील करने का आदेश दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने मेरठ सेंट्रल मार्केट मामले में सुनवाई की। जोन ए की 16,726 अवैध व्यावसायिक इमारतें सील होंगी। जबकि, अन्य जोनों में भी अवैध संपत्तियों की पहचान के आदेश दिए गए हैं।
सुप्रीम कोर्ट में सोमवार को शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट की सुनवाई हुई। कोर्ट ने मेरठ विकास प्राधिकरण द्वारा जोन ए में चिन्हित की गई 16,726 अवैध इमारतों को सील करने का आदेश दिया है। इन सब में व्यावसायिक गतिविधियां चल रही हैं। यही नहीं जोन बी, सी और डी में भी इस तरह की संपत्तियों को चिन्हित करने का आदेश दिया है। सोमवार को न्यायमूर्ति जेबी पारदीवाला और के विश्वनाथन ने मामले की सुनवाई की।
मामले की अगली सुनवाई नौ दिसंबर निर्धारित की है। अभी कोर्ट का आदेश अपलोड नहीं हुआ है। आवास एवं विकास परिषद की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता नवीन पहवा ने पक्ष रखा। प्रदेश सरकार की ओर से सालीसीटर जनरल तुषार मेहता ने पक्ष रखा। कहा ईडब्ल्यूएस और एलईजी वर्ग की 486 आवासों के लिए पुनर्वास नीति लाई जा रही है। परिषद की ओर से 14 जुलाई को दिए गए आदेश की अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत की गई। जिसमें बताया गया है कि, 44 में से केवल 20 संपत्तियों में पूरी तरह अवैध निर्माण हटाय गया है।
कोर्ट ने शेष 24 संपत्तियों में भी इसी प्रकार अवैध निर्माण हटाने के आदेश दिए। उल्देपुर में अवैध कालोनियों को विकसित किए जाने को लेकर कोर्ट ने प्रमुख सचिव पी गुरुप्रसाद से सवाल किया यह कैसे अस्तित्व में आई। पीस गुरु प्रसाद सुनवाई के समय ऑनलाइन उपस्थित रहे। कहा कि प्रत्येक काॅलोनी ध्वस्त की जाए। व्यापारियों की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता डा. सूरत सिंह ने पैरवी की, लेकिन कोर्ट ने कहा कि आवास एवं विकास परिषद इसको देखेगा। उन्होंने ध्वस्तीकरण के पहले पुनर्वास और तब तक यथास्थिति बनाए रखने की मांग की थी।
मेरठ के शास्त्री नगर सेंट्रल मार्केट में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के अनुपालन में ध्वस्तीकरण की कार्रवाई हुई थी। इस पर 44 सील भवनों में से छह भवनों पर कार्रवाई की गई थी। पूरे इलाके में भारी पुलिस बल तैनात रहा और बाजार की सीमाओं पर बैरिकेडिंग कर आवाजाही रोकी गई। सेंट्रल मार्केट में छह भवनों पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई सुबह करीब सात बजे शुरू हुई, जो दोपहर करीब 1:45 बजे तक चली।
इस दौरान छहों भवनों पर अलग-अलग बुलडोजर से कार्रवाई की गई। जिसके बाद अब आवास विकास परिषद 21 सितंबर को यानी आज सोमवार को सुप्रीम कोर्ट में होने वाली सुनवाई के दौरान छह भवनों के ध्वस्तीकरण की रिपोर्ट सौंपी गई। आवास विकास परिषद के उप आवास आयुक्त अनिल कुमार सिंह के अनुसार, ये छह भवन पूरी तरह अवैध बने हुए थे और इनका नक्शा पास नहीं था, इसलिए इन पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई की गई।