

Meerut Digital Arrest Scam: पल्लवपुरम के गांव दुल्हेडा निवासी एक किसान को आतंकवादियों से संबंध बताकर साइबर ठगों ने डराया। उसे तीन दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा गया। इसके बाद साइबर ठगों ने उसके खाते से 30.80 लाख रुपये उसके खाते से ट्रांसफर करा लिए। थाना साइबर क्राइम पर घटना की रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। कहा बचना चाहते हो तो उसे रुपया दो। आनंद पाल ने बताया कि वह बीमार था।
अजय मेहता ने उसे डिजिटल अरेस्ट कर लिया। वाट्स वीडियो काल पर रहने को कहा। किसी ओर को बताने व जानकारी देने पर तत्काल वारंट जारी करने व उसे गिरफ्तार करने की धमकी दी। तीन दिन तक उसे आरोपित ने डिजिटल अरेस्ट रखा। डरे आनंद पाल ने 19 अगस्त को अपने एसबीआई अकाउंट से 30.80 लाख रुपये आरटीजीएस से साइबर ठगों के बताए खाते में ट्रांसफर कर दिए।
इसके बाद भी 20 अगस्त को साइबर ठगों ने दोबारा फोन कर 15 लाख रुपये मांगे। उसने इन्कार किया तो उसे डराया धमकाया गया। उसने स्वजन व दोस्तों को बताया तो उन्होंने साइबर ठगी होने की बात कही। आनंद पाल ने थाना साइबर क्राइम जाकर ठगी की रिपोर्ट दर्ज कराई है। ऐसा ही एक मामला और भी है।
यहां साइबर ठगों ने गंगोत्री पेपर मिल्स के खाता संचालक के मोबाइल में सेंध लगाकर साइबर ठगों ने कंपनी को 1.80 करोड़ रुपये का चूना लगा दिया। ठगों ने मोबाइल और व्हाट्सऐप का एक्सेस हासिल करने के बाद कंपनी के शेयरधारक के नाम से फर्जी व्हाट्सऐप प्रोफाइल तैयार की और अकाउंटेंट को अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर करने के निर्देश भेज दिए।
ठगी का पता चलने के बाद साइबर क्राइम पुलिस ने कार्रवाई शुरू की और न्यायालय में पैरवी कर करीब एक करोड़ 56 लाख रुपये वापस कराने में सफलता हासिल की। मवाना रोड स्थित डिफेंस कालोनी निवासी कंपनी निदेशक प्रज्ज्वल अग्रवाल के मुताबिक कंपनी का बैंक खाता पीएनबी की न्यू मंडी शाखा, मुजफ्फरनगर में संचालित है।
आरोप है कि 17 जुलाई को खाते के संचालक संदीप गोयल के मोबाइल पर व्हाट्सएप के जरिए एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करते ही मोबाइल और व्हाट्सऐप का एक्सेस साइबर ठगों के हाथ लग गया। इसके बाद ठगों ने कंपनी के शेयरधारक नीरज अग्रवाल के नाम से फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल बनाया।
इसी प्रोफाइल से अकाउंटेंट को तत्काल भुगतान के निर्देश भेजे गए। निर्देश वास्तविक समझकर अकाउंटेंट ने 17 जुलाई को 99.99 लाख रुपये और 1,000 रुपये, जबकि 20 जुलाई को 79.99 लाख रुपये और 1,000 रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। इस तरह कुल 1.80 करोड़ रुपये ठगों के खातों में पहुंच गए।
मामले की शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम पुलिस ने रकम को ट्रेस करने और फ्रीज कराने की कार्रवाई शुरू की। साइबर क्राइम थाना प्रभारी महावीर सिंह के मुताबिक पुलिस की पैरवी के बाद न्यायालय के आदेश पर 1,55,98,300 रुपये पीड़ित को वापस करा दिए। करीब 24 लाख रुपये की रकम की वापसी की कार्रवाई भी जांच के दायरे में है।