उपचुनाव के बीच शादी का खाना पड़ा महंगा, 3 वरिष्ठ नेताओं की मायावती ने छीनी सदस्यता…सपा से जोड़ा कनेक्शन
उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती तीन नेताओं पर एक्शन लेते हुए पार्टी से बाहर निकाल दिया। मेरठ के तीनों वरिष्ठ नेताओं यह कार्रवाई अनुशासनहीनता को लेकर की गई है।
- Written By: Saurabh Pal
मायावती (फोटो- सोशल मीडिया)
लखनऊः उत्तर प्रदेश में उपचुनाव के बीच बहुजन समाज पार्टी (BSP) सुप्रीमो मायावती तीन नेताओं पर एक्शन लेते हुए पार्टी से बाहर निकाल दिया। मेरठ के तीनों वरिष्ठ नेताओं यह कार्रवाई अनुशासनहीनता को लेकर की गई है। निष्कासित नेताओं में मेरण मंडल प्रभारी प्रशांत गौतम, जिला प्रभारी महावीर सिंह प्रधान और दिनेश काजीपुर हैं। उपचुनाव के बीच मायावती के इस एक्शन के बाद सियासत गर्म हो गई है।
बसपा के तीनों नेताओं का गुनाह इतना था कि वह अपनी ही पार्टी के प्रभारी बाबू मुनकाद अली के बेटे की शादी में वलीमा खाने चले गए थे, जो मायावती को पसंद नहीं आया। इसकी कीमत उन्हें पार्टी की सदस्यता गवां कर अदा करनी पड़ी है।
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सपा से कार्रवाई का कनेक्शन
इस कार्रवाई का कनेक्शन समाजवादी पार्टी से जोड़ा जा रहा है। दरअसल बसपा नेता मुलकाद अली की बेटी सुंबुल राणा को सपा ने मीरपुर विधानसभा सीट से प्रत्याशी बनाया है। इसी कारण बसपा ने सुंबुल राणा के भाई के वलीमा में पार्टी नेताओं के शरीक होने पर रोक लगाई थी, लेकिन निमंत्रण के कारण मंडल प्रभारी प्रशांत गौतम, जिला प्रभारी महावीर सिंह प्रधान और दिनेश काजीपुर चले गए। जैसे ही इस बात की सूचना मायावती को मिली, उन्होंने इसे अनुशासन हीनता माना और पार्टी से बाहर का रास्ता दिखा दिया।
सुंबुल राणा के भाई का था वलीमा
आपतो बता दें सुंबुल राणा, पूर्व सांसद कादिर राणा की बहू हैं और मीरापुर से सपा के टिकट पर चुनाव लड़ रही हैं। मुनकाद अली और कादिर राणा आपस में समधी हैं। इसलिए मुनकाद अली के बेटे के वलीमे के कार्ड में कादिर राणा का भी नाम छापा गया था। और ये कार्ड सभी बसपा नेताओं को भेजे गए थे।
माया के एक्शन को नेताओं ने माना गलत
वहीं मायावती की इस कार्रवाई पर महावीर सिंह प्रधान का कहना है कि इस तरह का फैसला बिल्कुल गलत है, हमने हमेशा पार्टी की सेवा की है और करते रहेंगे। उन्होंने कहा कुछ विरोधी खेमे के लोग हैं जो हमारे खिलाफ साजिश रच रहे हैं। मुनकाद जी से हमारे क्षेत्र और परिवार के ताल्लुक हैं, इसलिए हम उनके यहां दावत में गए।
बसपा से निष्कासित किए गए प्रशांत गौतम ने कहा, ‘मेरे पास मेवालाल जी का फोन आया उन्होंने मुझे शादी में जाने से रोका। लेकिन मुनकाद जी चुनाव नहीं लड़ रहे हैं, चुनाव उनकी बेटी लड़ रही हैं। उसकी शादी को 10 साल से ज्यादा हो गए। अब बेटी का घर अलग है। हम सुंबुल के घर नहीं गए बल्कि मुनकाद जी के घर के समारोह में गए।
