इमरान मसूद पर भड़के मौलाना हयात, बोले- कांग्रेस में दम नहीं कि अपने दम पर बना ले सरकार

Uttar Pradesh Politics: यूपी में सपा-कांग्रेस में घमासान के बीच मौलाना जमील हयात का बड़ा बयान सामने आया है। साथ ही शहाबुद्दीन रजवी के UP में मुस्लिम सीएम की मांग को फिरका-परस्ती वाला बयान बताया है।
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मौलाना जमील हयात और कांग्रेस सांसद इमरान मसूदसोर्स- IANS
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UP Muslim Politics: उत्तर प्रदेश में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के बीच गठबंधन पर घमासान के बीच रामपुर के मौलाना मोहम्मद जमील हयात ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस में इतना दम नहीं है कि वह अपने बलबूते पर सरकार बना सके।

समाचार एजेंसी आईएएनएस से बातचीत में मौलाना मोहम्मद जमील हयात ने कहा, "कांग्रेस उत्तर प्रदेश में कभी सरकार नहीं बना सकती। कांग्रेस में इतना दम नहीं है कि वह अपने बलबूते पर सरकार बना सके। जुबान से कहने के लिए कोई कुछ भी कह सकता है, लेकिन ऐसे हालात नहीं है कि कांग्रेस अकेले जीत जाए।"

इमरान के बयान से इत्तेफाक नहीं रखते: मौलाना हयात

कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के 'समाजवादी पार्टी कुछ नहीं कर पाएगी' वाले बयान पर मौलाना मोहम्मद जमील हयात ने कहा कि ऐसे लोग मुसलमानों की ताकत और राजनीति को कमजोर कर रहे हैं। हमें सभी के साथ मिलकर अपना काम करना पड़ेगा। कई बार इमरान मसूद के बहुत सख्त बयान आते हैं, हम लोग उससे इत्तेफाक नहीं रखते।

साथ ही, मौलाना मोहम्मद जमील हयात ने मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की समाजवादी पार्टी से इस मांग की आलोचना की कि 'जितनी आबादी, उतना हक' नारे के तहत एक मुस्लिम चेहरे को मुख्यमंत्री पद का दावेदार बनाया जाए।

मौलाना शहाबुद्दीन रजवी की मांग पर जताई असहमति

उन्होंने कहा, "मैं उनके बयान से सहमत नहीं हूं। चाहे कोई भी पार्टी है, भारत के अंदर मुसलमान जिस स्थिति में हैं, उन्हें शांति, सुकून के साथ उनका जितना हक है, वह मिलना चाहिए। ऐसे बयानों से फंसाद की बातें पैदा होती हैं। ऐसे तरह की बयानबाजी नहीं करनी चाहिए।"

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हिंदू नेता हमारी हमारी बात सुनते हैं: मोहम्मद जमील हयात

मोहम्मद जमील हयात ने कहा, "यह वो बातें हैं, जो पूरी नहीं हो सकती हैं। उन्हें (रजवी) को ऐसी बातें करनी चाहिए, जिसका लाभ मुस्लिम वर्ग को हो। हम सकते हैं कि अगर हमारे विधायक और सांसद हिंदू हैं तो वह हमसे से अधिक काम करते हैं। ऐसा नहीं है कि हिंदू नेता हमारी बात नहीं सुनते। वह हमारी बहुत सुनते हैं और हमसे प्यार करते हैं।" उन्होंने कहा कि कुल मिलाकर मैं मौलाना शहाबुद्दीन रजवी के बयान को गलत तरीके से देखता हूं। यह फिरका-परस्ती वाला बयान है। एजेंसी इनपुट के साथ...

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