

Ahraula Encounter 7 Hours High Voltage Drama: अहरौला थाना क्षेत्र के शम्भूपुर गांव में मंगलवार की शाम हुई सनसनीखेज वारदात के बाद करीब 7 घंटे तक पुलिस और आरोपी के बीच तनावपूर्ण स्थिति बनी रही। धार्मिक अनुष्ठान के दौरान अपनी पत्नी समेत तीन लोगों की गोली मारकर हत्या करने के बाद आरोपी अरविंद कुमार अपने तीन बच्चों और लाइसेंसी हथियार के साथ घर के एक कमरे में बंद हो गया। पुलिस ने उसे आत्मसमर्पण के लिए मनाने का प्रयास किया, लेकिन वह बच्चों को भी गोली मारने की धमकी देता रहा।
बुधवार को पुलिस द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस टीम आरोपी को सरेंडर कराने और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकालने में जुटी थी। इसी दौरान कमरे के अंदर से गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की सुरक्षा को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। कमरे के भीतर आरोपी ने अपने नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह को गोली मार दी थी। इसी दौरान आरोपी ने पुलिस टीम पर भी फायरिंग शुरू कर दी।
आत्मरक्षा और बच्चों की सुरक्षा के लिए पुलिस ने नियंत्रित जवाबी फायरिंग की, जिसमें अरविंद घायल हो गया। अस्पताल में उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं, गोली लगने से घायल उसके बेटे शौर्य की भी उपचार के दौरान मौत हो गई।
पुलिस के मुताबिक, 22 सितंबर को शम्भूपुर गांव में अरविंद कुमार ने अपनी पत्नी बबिता सिंह और अनुष्ठान में शामिल दो लोगों अखिलेश मिश्रा तथा महेन्द्र पाठक को गोली मार दी। गोली लगने से तीनों की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि अरविंद की मानसिक स्थिति पहले से ठीक नहीं रहती थी। परिजनों के अनुसार, उसकी मानसिक परेशानी को भूत-प्रेत की बाधा से जोड़कर देखा जा रहा था। इसी वजह से उसकी स्थिति में सुधार और कथित बाधा दूर करने के उद्देश्य से घर पर पांच दिवसीय धार्मिक अनुष्ठान कराया जा रहा था। घटना के दिन अनुष्ठान का चौथा दिन था।
पुलिस के अनुसार, इसी दौरान अरविंद उग्र हो गया और उसने अपनी पत्नी बबिता सिंह तथा अनुष्ठान में शामिल अखिलेश मिश्रा और महेन्द्र पाठक पर गोली चला दी। फायरिंग में तीनों की मौत हो गई।
तीन लोगों की हत्या करने के बाद अरविंद अपने तीनों बच्चों और लाइसेंसी हथियार के साथ घर के एक कमरे में खुद को बंद कर लिया। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और घर को घेर लिया।
आजमगढ़ पुलिस ने आरोपी को लगातार समझाने और आत्मसमर्पण कराने का प्रयास किया। परिवार के सदस्यों और रिश्तेदारों ने भी उससे बातचीत कर बच्चों को सुरक्षित बाहर भेजने की अपील की, लेकिन पुलिस के मुताबिक वह बार-बार बच्चों को गोली मारने की धमकी देता रहा।
कई घंटे तक पुलिस आरोपी को समझाने का प्रयास करती रही। इसी दौरान कमरे के भीतर से अचानक गोली चलने की आवाज सुनाई दी। बच्चों की जान खतरे में होने की आशंका को देखते हुए पुलिस टीम ने तत्काल कार्रवाई की और कमरे का दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया।
अंदर पुलिस को नौ वर्षीय शौर्य सिंह गोली लगने से गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला। पुलिस के अनुसार, आरोपी अरविंद ने ही अपने बेटे को गोली मारी थी। शौर्य को तत्काल उपचार के लिए लाइफ लाइन अस्पताल, आजमगढ़ भेजा गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
बच्चे को सुरक्षित निकालने के लिए पुलिस टीम कमरे में पहुंची ही थी कि आरोपी अरविंद ने पुलिसकर्मियों पर भी फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस के अनुसार, बच्चों की सुरक्षा और आत्मरक्षा के दृष्टिगत टीम ने नियंत्रित एवं संयमित जवाबी फायरिंग की।
जवाबी फायरिंग में अरविंद कुमार घायल हो गया। उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
कमरे में मौजूद दो अन्य बच्चों को बचाने के लिए पुलिस टीम ने अभियान जारी रखा। पुलिस के मुताबिक, टीम ने अपनी जान जोखिम में डालकर आरोपी की 10 वर्षीय पुत्री परी और छह माह की बच्ची को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
पुलिस के अनुसार, बड़ी बच्ची की कोहनी के पास मामूली खरोंच आई है, जबकि छह माह की बच्ची सुरक्षित है। दोनों को पुलिस ने सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया।
घटना की गंभीरता को देखते हुए अपर पुलिस महानिदेशक, वाराणसी जोन नवीन अरोड़ा और उपमहानिरीक्षक, आजमगढ़ परिक्षेत्र सुनील कुमार सिंह कई घंटे तक घटनास्थल पर मौजूद रहे। पुलिस के अनुसार, दोनों अधिकारियों ने मौके पर मौजूद टीम को लगातार दिशा-निर्देश दिए और बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए कार्रवाई की निगरानी की।
पुलिस का कहना है कि बेहद संवेदनशील स्थिति में टीम ने तत्परता दिखाते हुए दो बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला।
इस पूरी घटना में आरोपी अरविंद कुमार के अलावा उसकी पत्नी बबिता सिंह, अनुष्ठान में शामिल महेन्द्र पाठक और अखिलेश मिश्रा की मौत हुई। इसके अलावा आरोपी की गोली से घायल उसके नौ वर्षीय बेटे शौर्य सिंह की भी इलाज के दौरान मृत्यु हो गई। पुलिस मुठभेड़ में मृत आरोपी की पहचान अरविंद कुमार पुत्र त्रिपुरारी सिंह, निवासी शम्भूपुर, थाना अहरौला, आजमगढ़ के रूप में हुई है।
पुलिस ने सभी मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटनास्थल पर फॉरेंसिक टीम ने पहुंचकर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई जारी है और फिलहाल मौके पर कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य है।