

Vrindavan Krishna Janmashtami 2026: श्रीधाम वृंदावन में भक्ति, आस्था और भारतीय संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। ठाकुर श्री राधा नील माधव जी महाराज मंदिर में आयोजित तीन दिवसीय श्रीकृष्ण जन्माष्टमी महोत्सव का भव्य एवं भक्तिमय वातावरण में समापन हुआ। समापन समारोह में मंदिर परिसर सैकड़ों श्रद्धालुओं की मौजूदगी में श्रीकृष्ण के जयकारों, भजनों और संकीर्तन से गूंजता रहा।
महोत्सव के समापन अवसर पर उद्योगपति एवं बॉलीवुड निर्माता श्री निखिल नंदा अपनी धर्मपत्नी श्रीमती मनमीत नंदा IAS, अतिरिक्त सचिव, भारत सरकार तथा अपनी माता श्रीमती सुषमा नंदा के साथ विशेष रूप से उपस्थित रहे। उनके मंदिर पहुंचने पर श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उन्होंने ठाकुर श्री राधा नील माधव जी महाराज के दर्शन कर पूजा-अर्चना की और महोत्सव में आयोजित धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों में सहभागिता की।
समापन दिवस पर मंदिर परिसर में पारंपरिक नंद उत्सव और दही हांडी उत्सव का आयोजन हुआ। इसके साथ संकीर्तन, भजन, नृत्य और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने पूरे वातावरण को कृष्णमय बना दिया। बच्चों से लेकर युवाओं, महिलाओं और वरिष्ठ श्रद्धालुओं ने उत्साहपूर्वक कार्यक्रमों में भाग लिया।
इस अवसर पर बॉलीवुड निर्माता एवं उद्योगपति निखिल नंदा ने कहा कि वृंदावन की विशेषता यह है कि यहां आध्यात्मिकता केवल मंदिरों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि जीवन का हिस्सा बन जाती है। परिवार के साथ जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उपस्थित होकर सैकड़ों श्रद्धालुओं की आस्था और भक्ति को देखना उनके लिए अत्यंत सुखद अनुभव रहा। उन्होंने कहा कि हमारी परंपराएं तभी मजबूत होती हैं, जब हम उन्हें मिलकर मनाते हैं और उनके मूल्यों को अगली पीढ़ी तक पहुंचाते हैं।
मंदिर के महाराज श्री प्रणव अवस्थी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का अवतरण हमें संदेश देता है कि जब-जब धर्म और सत्य की परीक्षा होती है, तब धर्म की शक्ति को जागृत होना पड़ता है। जन्माष्टमी का उत्सव तभी सार्थक है, जब भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षाएं हमारे आचरण में दिखाई दें। उन्होंने श्रद्धालुओं से सेवा, करुणा, अनुशासन और धर्म के मार्ग पर चलने का संकल्प लेने का आह्वान किया।
तीन दिवसीय महोत्सव के दौरान यज्ञ, श्रीकृष्ण कथा, संकीर्तन, महाभिषेक, बच्चों की फैंसी ड्रेस प्रतियोगिता, नंद उत्सव, दही हांडी और महाप्रसाद सहित अनेक धार्मिक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। पूरे आयोजन के दौरान मंदिर परिसर भक्तों से गुलजार रहा।
मंदिर प्रबंधन और महाराज प्रणव अवस्थी ने आयोजन को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी विशिष्ट अतिथियों, संतों, श्रद्धालुओं, सेवाभावी कार्यकर्ताओं और सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सनातन परंपरा, संस्कारों और भारतीय सांस्कृतिक विरासत को आने वाली पीढ़ियों तक पहुंचाने का महत्वपूर्ण माध्यम हैं।
समापन अवसर पर भारत सहित संपूर्ण विश्व में शांति, सद्भाव, समृद्धि और मानव कल्याण की कामना की गई। ठाकुर राधा नील माधव जी महाराज के चरणों में विशेष प्रार्थना अर्पित कर तीन दिवसीय जन्माष्टमी महोत्सव का विधिवत समापन किया गया।