

Vrindavan Avirbhav Mahotsav 2026: संगीत शिरोमणि स्वामी हरिदास जी महाराज की भक्ति, साधना और संगीत परंपरा को समर्पित सप्त दिवसीय आविर्भाव महोत्सव का आयोजन श्रीधाम वृंदावन में 13 से 19 सितंबर 2026 तक किया जाएगा। महोत्सव के दौरान वृंदावन में सात दिनों तक भक्ति संगीत और आध्यात्मिक कार्यक्रमों की स्वर लहरियां गूंजेंगी। धार्मिक आयोजनों के साथ ध्रुपद-धमार संगीत, सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, यमुना महाआरती, कवि सम्मेलन, विद्वत संगोष्ठी, संत समागम और भंडारे का आयोजन किया जाएगा।
महोत्सव का शुभारंभ 13 सितंबर रविवार को प्रातः 8 बजे स्वामी हरिदास जी महाराज के महाअभिषेक के साथ होगा। इसके बाद प्रातः 9 बजे श्री ललित कुंज से श्री राधा प्रसाद धाम, परिक्रमा मार्ग तक भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। शोभायात्रा में संत-महंतों, श्रद्धालुओं और ब्रजवासियों की सहभागिता रहेगी। शाम 5 बजे पूर्वांचल समिति के तत्वावधान में भजन संध्या आयोजित की जाएगी।
14 सितंबर को ध्रुपद-धमार संगीत समारोह आयोजित होगा। इसमें दिल्ली के शिवम इंटरनेशनल म्यूजिकल ग्रुप के कलाकारों के साथ वृंदावन के संगीताचार्य स्वामी श्री प्रथमेश लाल जी लड्डू महाराज अपनी प्रस्तुति देंगे। शाम को ममता सावोरिया और दया चंद दिल्ली वाले की भजन संध्या होगी।
15 सितंबर को भजन गायन के साथ ब्रजवासी बालक-बालिकाओं द्वारा सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी जाएंगी। शाम को रसिक वैष्णवाचार्य श्री विष्णु वात्सल जी महाराज की भजन संध्या आयोजित होगी। वहीं 16 सितंबर को 546 कमलों से पुष्पार्चन किया जाएगा। इसके बाद बनारस से आए कलाकारों द्वारा यमुना महाआरती की जाएगी। शाम को गंगा बाबा के सानिध्य में भजन संध्या होगी।
17 सितंबर को कवि सम्मेलन महोत्सव का प्रमुख आकर्षण रहेगा। इस दौरान वीरांगनाओं, महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करने वाली हस्तियों तथा धार्मिक संगठनों से जुड़े गणमान्य व्यक्तियों का सम्मान किया जाएगा। शाम को रसिक संतों द्वारा समाज गायन और भजन संध्या आयोजित की जाएगी।
18 सितंबर को विद्वत संगोष्ठी और ग्रंथ विमोचन का आयोजन स्वामी हरिदास पीठेश्वर आचार्य महामंडलेश्वर स्वामी श्री राधा प्रसाद देव जी महाराज के सानिध्य में होगा। शाम को अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त भजन गायक पीतांबर मिश्रा अपनी भजन प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं को भक्ति रस में सराबोर करेंगे।
महोत्सव के अंतिम दिन 19 सितंबर को दोपहर 1 बजे संतों, महंतों और ब्रजवासियों के लिए विशाल भंडारे का आयोजन होगा। शाम 6 बजे राधे-राधे संकीर्तन मंडल, मथुरा की भजन संध्या के साथ सप्त दिवसीय महोत्सव का समापन होगा।
आयोजकों के अनुसार, स्वामी हरिदास जी महाराज भारतीय भक्ति और संगीत परंपरा के प्रमुख संतों में रहे हैं। उनके आविर्भाव महोत्सव के माध्यम से उनकी साधना, संगीत और भक्ति परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। आयोजन वृंदावन की आध्यात्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत को समर्पित होगा और सात दिनों तक श्रद्धालुओं को भक्ति, संगीत और संत परंपरा का अनूठा संगम देखने को मिलेगा।