

Vrindavan Clash With Ambulance Staff: वृंदावन में चीरघाट क्षेत्र में मामूली विवाद को लेकर दो पक्षों में जमकर मारपीट हों गई। घटना में जम कर चले लाठी-डंडों और सुआ चलने से कई लोग घायल हो गये जिन्हे पास के ही सौ सेय्या हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, घटना का वीडियो भी सोशल मीडिया पर जम कर वायरल हो रहा है। ज़ब पुलिस घायलों को मेडिकल के लिए संयुक्त चिकित्सालय लेकर पहुंची थी।
बताया जा रहा है कि उसी दौरान एक पक्ष के लोग दोबारा मारपीट के इरादे से अस्पताल परिसर में पहुंच गए। एक घायल की हालत गंभीर होने पर चिकित्सक उसे रेफर करने की तैयारी कर रहे थे। तभी करीब 20-25 लोगों ने 108 एंबुलेंस पर तैनात ईएमटी अक्षय राम और चालक जितेंद्र को घेरकर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। घटना अस्पताल के बाहर लगे CCTV कैमरों में कैद हो गई। घायल ईएमटी और चालक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जहां इनका इलाज चल रहा है।
अस्पताल प्रबंधन की ओर से थाना जैंत में तहरीर दी गई है। डॉक्टर विनीत यादव के अनुसार, वृंदावन से मेडिकल के लिए लाए गए एक व्यक्ति की हालत गंभीर होने पर उसे रेफर किया जा रहा था, तभी 20-25 लोग पहुंचे और अचानक एम्बुलेंस पर तैनात अखयराम और चालक जितेंद्र पर हमला कर दिया। घटना में अखयराम के गम्भीर चोटें आई है,जिसका अस्पताल में इलाज चल रहा है।
एक तरफ चीरघाट में खुलेआम मारपीट और दूसरी तरफ उसी मामले के दौरान अस्पताल परिसर में सरकारी एंबुलेंस चालक पर हमला होने से पुलिस की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। CCTV फुटेज के आधार पर अब पुलिस आरोपियों की पहचान और कार्रवाई में जुटी है और कई टीमें बना कर जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी की बात कर रही है।
मथुरा में नाविको द्वारा की गई यह कोई नई घटना नही है इससे पहले भी कई बार इस तरह की घटनाये श्रद्धांलुओं और स्थानीय लोगों के साथ की गई है मगर कोई ठोस कार्यवाही ना होने की बजह से नाविको के हौसले बुलंद रहते है, अब सरकारी कर्मचारियों पर की किए गए हमले के बाद पुलिस क्या कार्रवाई करती है यह आने वाला ही समय बताएगा।
स्थानीय लोगों की बात माने तो नागरिकों पर सब सफेद पोशो का हाथ होने की वजह से वे राजनैतिक प्रभाव का प्रयोग कर पुलिस कार्यवाही से बच जाते है और इन आरोपियों के खिलाफ को कठोर कार्यवाही नही हो पाती जिसकी वजह से इनके हौसले बुलंद हो जाते है।