

Vrindavan Ashram Electricity Connection: वृंदावन के पागल बाबा क्षेत्र स्थित बिजलीघर के अंतर्गत आने वाले एक प्राचीन आश्रम में बिजली कनेक्शन को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। आश्रम परिसर से खराब मीटर में बिजली की आपूर्ति की बात सामने आ रही है, जबकि बिजली मीटर खराब अथवा निष्क्रिय स्थिति में नजर आ रहा है। यह मामला सामने आने के बाद विद्युत विभाग की कार्यप्रणाली और कनेक्शन के संचालन को लेकर कई सवाल खड़े करता है।
बताया जा रहा है कि आश्रम परिसर में लगे मीटर की स्थिति लंबे समय से ठीक नहीं होने की बात सामने आ रही है। ऐसे में सवाल यह है कि यदि मीटर खराब था तो बिजली की खपत की निगरानी किस प्रकार की जा रही थी और मीटर को बदलने अथवा ठीक कराने के लिए विभाग की ओर से क्या कार्रवाई की गई। यदि कहीं मीटर के स्थान पर सीधे तार के माध्यम से बिजली का उपयोग किया जा रहा है, तो यह स्थिति जांच का विषय बन जाती है।
मामले को लेकर सबसे बड़ा सवाल विद्युत विभाग की जिम्मेदारी पर उठ रहा है। आखिर खराब मीटर की जानकारी विभाग को थी या नहीं? यदि जानकारी थी तो अब तक बिजली मीटर बदला क्यों नहीं गया? वहीं, यदि विभाग को इसकी जानकारी नहीं थी तो नियमित निरीक्षण और कनेक्शनों की जांच की व्यवस्था पर भी सवाल खड़े होते हैं।
स्थानीय स्तर पर यह चर्चा भी है कि आखिर एक आश्रम परिसर में बिजली कनेक्शन की स्थिति लंबे समय तक ऐसी कैसे बनी रही। क्या विभाग के पास मीटर उपलब्ध नहीं था, या फिर संबंधित कर्मचारियों और अधिकारियों की ओर से इस मामले को गंभीरता से नहीं लिया गया। हालांकि इन सवालों का वास्तविक जवाब विभागीय जांच के बाद ही सामने आ सकेगा।
वीडियो सामने आने के बाद अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग उठ रही है। लोगों का कहना है कि विभाग को मौके पर पहुंचकर मीटर, कनेक्शन, विद्युत लोड और बिजली खपत से संबंधित अभिलेखों की जांच करनी चाहिए। साथ ही यह भी स्पष्ट किया जाना चाहिए कि कनेक्शन वैध प्रक्रिया के तहत संचालित हो रहा था या इसमें किसी प्रकार की अनियमितता थी।
इस मामले में संबंधित क्षेत्र के एई शुभम अग्रवाल की भूमिका को लेकर भी सवाल उठाए जा रहे हैं। हालांकि उनके खिलाफ लगाए जा रहे आरोपों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है। ऐसे में बिना विभागीय जांच के किसी अधिकारी को दोषी ठहराना उचित नहीं होगा। संबंधित अधिकारी और विद्युत विभाग का पक्ष सामने आने के बाद ही तस्वीर पूरी तरह स्पष्ट हो सकेगी।
अब देखने वाली बात यह होगी कि मामला सामने आने के बाद विद्युत विभाग इस कनेक्शन की जांच करता है या नहीं और यदि जांच में कोई अनियमितता सामने आती है तो उसके लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ क्या कार्रवाई की जाती है।