1 किलोवाट वाले उपभोक्ताओं की नहीं कटेगी बिजली; योगी सरकार ने दी प्रीपेड मीटर में पोस्टपेड की सुविधा

Uttar Pradesh Power Corporation, Electricity Consumer Relief: प्रदेश सरकार के नए नियम के अनुसार, बिजली उपभोक्ताओं एक किलोवाट बिजली के घरेलू प्रीपेड मीटर अब सामान्य पोस्टपेड मीटर की तरह ही काम करेंगे।
No Power Disconnections for 1 kW Consumers; Yogi Government Introduces Postpaid Facility on Prepaid Meters
योगी आदित्यनाथ (फोटो सोर्स- सोशल मीडिया)
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UP Smart Meter New Rules 2026: उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटर को लेकर चल रहे विवाद के बीच प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार ने उपभोक्ताओं के लिए एक बड़ा फैसला लिया है। प्रदेश सरकार में ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने कलेक्ट्रेट सभागार में शुक्रवार को मीडिया से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने उपभोक्ताओं के लिए बड़ा ऐलान किया है। इस दौरान मंत्री ने कहा कि एक किलोवाट बिजली के घरेलू प्रीपेड मीटर अब सामान्य पोस्टपेड मीटर की तरह ही काम करेंगे। इस दौरान उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर की व्यवस्था आने से प्रदेश के गरीब एवं मध्यम वर्ग के उपभोक्ताओं को कई तरह की दिक्कतों का सामना करना पड़ता था। इसकी वजह से इस नई व्यवस्था को लाया जा रहा है।

उपभोक्ताओं का बैलेंस हो गया नेगेटिव

प्रदेश में पिछले काफी समय से स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार अव्यवस्था की शिकायतें सामने आती रही थीं। इससे कई उपभोक्ताओं का बैलेंस भी नेगेटिव हो गया था। इससे उन उपभोक्ताओं की बिजली काट दी गई थी। विभाग की इस कार्रवाई से प्रदेशभर में लोगों में भारी आक्रोश था। इस कारण प्रदेश के कई जिलों में उपभोक्ताओं ने विरोध प्रदर्शन भी किया। इन सब के बीच प्रदेश सरकार ने राज्य के उपभोक्ताओं को राहत देते हुए यह फैसला लिया है।

नए नियम में ये प्रावधान

उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा लाए गए इस नए नियम के मुताबिक प्रदेश में एक किलोवाट तक के घरेलू उपभोक्ता 30 दिनों में कभी भी अपना प्रीपेड मीटर रिचार्ज करवा सकते हैं इस दौरान उपभोक्ताओं की बिजली आपूर्ति किसी प्रकार की बाधा नहीं की आएगी। साथ ही राज्य सरकार ने यह भी कहा कि 200 रुपये तक का नेगेटिव बैलेंस होने के बाद भी बिजली नहीं काटी जाएगी, लगातार आपूर्ति जारी रहेगी।

प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर का विकल्प

उत्तर प्रदेश राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार ने इस मुद्दे पर मीडिया से बात करते हुए कहा था, कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के अनुसार, प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं को प्रीपेड या पोस्टपेड मीटर लगाने का विकल्प है। मिनिस्ट्री ऑफ पावर की एक मीटिंग में भी ये बात कही गई थी। मीटिंग के दौरान हमने कहा था कि जब एक्ट में यह प्रावधान है तो फिर इससे उपभोक्ताओं को कैसे वंचित रखा जा सकता है। आपको बता दें कि उत्तर प्रदेश में करीब 70 लाख बिजली कनेक्शन धारक से बिना कुछ पूछे ही प्रीपेड मॉडल में कर दिया गया।

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