

Krishna Janmabhoomi Temple Construction: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर निकाली जा रही प्रथम रजत शिला सोमवार को विशेष वाहन के माध्यम से गुरुग्राम स्थित ओ.आर.सी. ब्रह्माकुमारी आश्रम पहुंची। आश्रम पहुंचने पर ब्रह्माकुमारी बहनों और उपस्थित श्रद्धालुओं ने रजत शिला का श्रद्धापूर्वक पूजन किया। इस दौरान आध्यात्मिक वातावरण में श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर प्रार्थना और पुष्प वर्षा की गई।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह प्रकरण में याचिकाकर्ता दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि ब्रह्माकुमारी आश्रम जैसे आध्यात्मिक और पवित्र स्थानों में सकारात्मक ऊर्जा का अनुभव होता है। उन्होंने कहा कि इन आश्रमों में आध्यात्मिक ज्ञान और संस्कारों के माध्यम से व्यक्ति के भीतर सेवा, ईमानदारी और पवित्रता का भाव मजबूत होता है।
दिनेश फलाहारी महाराज ने कहा कि यदि देश के नेता और अधिकारी ऐसे दिव्य एवं पवित्र आश्रमों में कुछ समय के लिए प्रवास करें तो उनके जीवन में सकारात्मक परिवर्तन आ सकता है। उन्होंने कहा कि आध्यात्मिक ज्ञान से मनुष्य के अंदर की गलत कुरीतियां दूर हो सकती हैं और उसके भीतर देश एवं समाज के प्रति सेवा भावना मजबूत हो सकती है। उन्होंने ब्रह्माकुमारी बहनों द्वारा दिए जाने वाले मुरली ज्ञान को भी आत्मशुद्धि का माध्यम बताया।
इस अवसर पर ओ.आर.सी. की निदेशक पूज्य ब्रह्माकुमारी आशा दीदी ने रजत शिला का पूजन किया और श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प के लिए आशीर्वाद दिया। उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि से जुड़े प्रकरण में प्राचीन साक्ष्यों को न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उन्होंने विश्वास व्यक्त करते हुए कहा कि आने वाले समय में न्यायालय का फैसला हिंदू पक्ष के पक्ष में आएगा और इसके बाद मंदिर निर्माण का मार्ग शीघ्र प्रशस्त होगा।
उन्होंने कहा कि श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण का संकल्प जल्द पूरा हो, इसके लिए सभी को सकारात्मक भावना और आध्यात्मिक शक्ति के साथ आगे बढ़ना चाहिए।
कार्यक्रम के दौरान फरीदाबाद के महात्मा दिव्यआत्मानन्द पूरी महाराज की उपस्थिति में ब्रज से आए आचार्यों और संतों ने रजत शिला पर पुष्प वर्षा की। रजत शिला के पूजन के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। उपस्थित लोगों ने श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प की सफलता के लिए प्रार्थना की।
इस अवसर पर आचार्य अनिल कृष्ण जी महाराज, कार्यक्रम प्रभारी राजेश पाठक, विंदु दीदी, गुजरात से आईं संदेशी दीदी, रामनिवास भाई, कान्हा कौशिक सहित बड़ी संख्या में ब्रह्माकुमारी बहनें, भाई, संत-महात्मा और श्रद्धालु मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार कार्यक्रम में हजारों लोगों ने सहभागिता की और रजत शिला पूजन के साक्षी बने।
रजत शिला पूजन कार्यक्रम को श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प से जुड़े अभियान में एक महत्वपूर्ण आध्यात्मिक पड़ाव के रूप में देखा जा रहा है।