सरयू स्नान से हनुमानगढ़ी और राम मंदिर तक पूजा-अर्चना, अब ब्रज पहुंचेगी श्रीकृष्ण जन्मभूमि की संकल्प शिला

Shri Krishna Janmabhoomi: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर रजत संकल्प शिला का विधि-विधान से पूजन किया गया। अब इसे देशभर के प्रमुख धार्मिक स्थलों तक ले जाकर पूजन कराने की योजना है।
Silver Sankalp Shila Shri Krishna Janmabhoomi Temple Worshipped  Ayodhya, Campaign to Reach Lakh Villages
मणिराम छावनी(सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Krishna Janmabhoomi Sankalp Shila: श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को लेकर हिंदू पक्ष की ओर से तैयार की गई रजत (चांदी) निर्मित संकल्प शिला का श्रावणी पर्व पर अयोध्या में विधि-विधान के साथ पूजन किया गया। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र एवं श्रीकृष्ण जन्मभूमि न्यास के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास ने मणिराम छावनी में इस पवित्र रजत शिला का पूजन किया। शिला के पूजन के साथ ही ब्रजभूमि सहित देशभर में इसे लेकर धार्मिक उत्साह का माहौल बनने लगा है।

रजत संकल्प शिला को विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बाद अयोध्या लाया गया

श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर-मस्जिद मामले में हिंदू पक्षकार दिनेश फलाहारी महाराज के आह्वान पर तैयार की गई इस रजत संकल्प शिला को विशेष धार्मिक अनुष्ठानों के बाद अयोध्या लाया गया। मणिराम छावनी पहुंचने पर वहां के उत्तराधिकारी श्री नयन कमल दास महाराज और सेवायत जानकी दास सहित हजारों संतों एवं श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर शिला की अगवानी की। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण के जयकारों के साथ ‘अयोध्या हुई हमारी है, अब मथुरा की बारी है’ के नारे भी गूंजे।

Silver Sankalp Shila Shri Krishna Janmabhoomi Temple Worshipped  Ayodhya, Campaign to Reach Lakh Villages
Bhado Month: शनिवार से भादो का महीना शुरू, नोट कर लें ये जरूरी बातें, क्या करें और क्या न करें

दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि रजत संकल्प शिला को सबसे पहले पवित्र सरयू नदी में स्नान कराया गया। इसके बाद विधि-विधान से पूजा-अर्चना कर उसे महाआरती का साक्षी बनाया गया। शिला को इसके बाद अयोध्या स्थित हनुमानगढ़ी ले जाया गया, जहां हनुमानजी महाराज के श्रीचरणों में उसे पूजित कराया गया। इसके उपरांत शिला को श्रीराम मंदिर ले जाकर भगवान राम की पावन धरा की रज से संकल्पित किया गया।

एक लाख से अधिक गांवों में इसका पूजन कराने की योजना

दिनेश फलाहारी महाराज ने बताया कि इस रजत संकल्प शिला को केवल अयोध्या और ब्रज तक सीमित नहीं रखा जाएगा। ब्रजभूमि सहित पूरे भारतवर्ष के प्रमुख मंदिरों और धार्मिक स्थलों के साथ-साथ एक लाख से अधिक गांवों में इसका पूजन कराने की योजना बनाई गई है। आयोजकों के अनुसार, इसका उद्देश्य श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को देश के विभिन्न हिस्सों तक पहुंचाना और लोगों को इस अभियान से जोड़ना है।

Silver Sankalp Shila Shri Krishna Janmabhoomi Temple Worshipped  Ayodhya, Campaign to Reach Lakh Villages
मथुरा में रक्षाबंधन की रात दिखा विशाल अजगर; थम गए वाहनों के पहिए, देखने के लिए जुटी भीड़..वायरल हुआ वीडियो

इस अभियान को व्यवस्थित रूप से संचालित करने के लिए ब्रज धामाचार्य परिषद के महामंत्री पं. राजेश पाठक को प्रभारी नियुक्त किया गया है। उन्होंने बताया कि एक सितंबर को रजत संकल्प शिला विशेष वाहन से धूमधाम के साथ ब्रजभूमि में प्रवेश करेगी। शिला के स्वागत के लिए विभिन्न स्थानों पर तैयारियां की जा रही हैं।

बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु शिला का पूजन करेंगे

राजेश पाठक के अनुसार, ब्रजभूमि में प्रवेश के बाद रजत शिला को सबसे पहले श्रीधाम वृंदावन ले जाया जाएगा। यहां बड़ी संख्या में साधु-संत और श्रद्धालु शिला का पूजन करेंगे। इसके बाद इसे ब्रज के अन्य प्रमुख धार्मिक स्थलों और गांवों तक ले जाने की योजना है।

आयोजन में ब्रज क्षेत्र से आचार्य अनिल कृष्ण शास्त्री, विश्व हिंदू परिषद के वरिष्ठ नेता जयराम शर्मा, संत हरिदास बाबा, विप्र नेता सुभाष शर्मा, पं. राजेश शास्त्री और गोविंद देव शर्मा सहित अनेक संत एवं गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

आयोजकों का कहना है कि रजत संकल्प शिला के पूजन कार्यक्रम के माध्यम से श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर निर्माण के संकल्प को व्यापक स्तर पर जन-जन तक पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। अयोध्या से ब्रजभूमि तक इस धार्मिक अभियान को लेकर संत समाज और श्रद्धालुओं में उत्साह देखा जा रहा है।

Navbharat Live
navbharatlive.com