रसिक दुलारी की मौत के बाद पहली बार दिखे रिंकू सिंह, वृंदावन में 200 से अधिक साधकों के साथ की पंचकोसीय परिक्रमा

Vrindavan Religious News: वृंदावन में रिंकू सिंह 200 से अधिक साधकों के साथ पंचकोसीय परिक्रमा पर निकले। नवरात्र के पहले दिन भजन-कीर्तन और राधा वल्लभ व श्री हरिवंश के जयकारों से परिक्रमा मार्ग गूंज उठा।
Rinku Singh Leads 200 Devotees in Vrindavan Panchkoshi Parikrama During Navratri
पंचकोसीय परिक्रमा(सोर्स- नवभारत लाइव)
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Highlights

  • नवरात्र के प्रथम दिन 200 से अधिक साधकों ने की पंचकोसीय परिक्रमा

  • साधकों ने लगाए राधा वल्लभ, श्री हरिवंश और श्री वृंदावन श्री वन चंद्र के जयकारे

  • राधा वल्लभ, श्री हरिवंश और श्री वृंदावन श्री वन चंद्र नाम संकीर्तन से गूंजा परिक्रमा मार्ग

  • तीन दिन पहले प्रेमानंद महाराज पहुंचे थे राधा केली कुंज

Vrindavan Panchkosi Parikrama: संत प्रेमानंद महाराज के करीबी साधक और रेसलर रिंकू सिंह रविवार को 200 से अधिक साधकों के साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा पर निकले। संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पहली बार रिंकू सिंह बड़ी संख्या में साधकों के साथ सार्वजनिक रूप से परिक्रमा मार्ग पर नजर आए। उनके इस तरह साधकों के समूह के साथ पहुंचने की वृंदावन में चर्चा रही। नवरात्र के प्रथम दिन निकली इस परिक्रमा के दौरान पूरा वातावरण राधा वल्लभ, श्री हरिवंश और श्री वृंदावन श्री वन चंद्र के जयकारों से गुंजायमान हो उठा।

रविवार को रिंकू सिंह के नेतृत्व में साधकों का समूह वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा के लिए निकला। परिक्रमा मार्ग पर साधक भजन-कीर्तन और नाम संकीर्तन करते हुए आगे बढ़ते रहे। इस दौरान श्रद्धालुओं ने अपने आराध्य के जयकारे लगाए और भक्ति भाव के साथ परिक्रमा पूरी करने की ओर कदम बढ़ाए। समूह में शामिल साधक लगातार संकीर्तन करते रहे, जिससे परिक्रमा मार्ग का माहौल भक्तिमय बना रहा। मार्ग से गुजर रहे श्रद्धालुओं का ध्यान भी साधकों के इस समूह की ओर आकर्षित हुआ।

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रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद पहली सार्वजनिक मौजूदगी

रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधकों की गतिविधियों को लेकर चर्चाएं चल रही थीं। ऐसे में रिंकू सिंह का बड़ी संख्या में साधकों के साथ परिक्रमा मार्ग में दिखाई देना चर्चा का विषय बन गया। हालांकि, इस परिक्रमा को लेकर किसी विशेष उद्देश्य या घटना से संबंध होने की पुष्टि नहीं हुई है। साधक धार्मिक आस्था और भजन-कीर्तन के साथ वृंदावन की पंचकोसीय परिक्रमा करते नजर आए।

वृंदावन में पंचकोसीय परिक्रमा का विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। यहां देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु परिक्रमा मार्ग पर नाम संकीर्तन करते हुए अपने आराध्य के प्रति श्रद्धा व्यक्त करते हैं। राधा-कृष्ण की भक्ति और संत परंपरा से जुड़े इस क्षेत्र में धार्मिक आयोजनों के दौरान भक्तिमय वातावरण देखने को मिलता है।

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तीन दिन पहले प्रेमानंद महाराज पहुंचे थे राधा केली कुंज

बताया जाता है कि करीब तीन दिन पहले संत प्रेमानंद महाराज यमुना विहार से राधा केली कुंज पहुंचे थे। इसके बाद वह अपने गुरुदेव के आश्रम गए और उनका आशीर्वाद लिया। अब नवरात्र के प्रथम दिन रिंकू सिंह के नेतृत्व में 200 से अधिक साधकों के परिक्रमा पर निकलने से संत प्रेमानंद महाराज से जुड़े साधकों की गतिविधियां एक बार फिर चर्चा में आ गई हैं।

परिक्रमा के दौरान साधकों ने भजन-कीर्तन और अपने आराध्य के जयकारों के माध्यम से आस्था व्यक्त की। राधा वल्लभ और श्री हरिवंश के जयकारों के बीच साधकों का समूह श्रद्धाभाव से आगे बढ़ता रहा। रसिक दुलारी शरण की मौत के बाद रिंकू सिंह की इस सार्वजनिक मौजूदगी को लेकर वृंदावन में लोगों के बीच चर्चा बनी रही।

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