

Mathura Krishna Janmashtami: भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का इंतजार अब कुछ ही घंटों का रह गया है। जन्माष्टमी से दो दिन पहले ही मथुरा नगरी पूरी तरह कृष्णमय नजर आने लगी है। शहर के प्रमुख तिराहे और चौराहे दुल्हन की तरह सजाए गए हैं। रंग-बिरंगी रोशनी, आकर्षक सजावट और विद्युत झालरों से सजी मथुरा की खूबसूरती देखते ही बन रही है। शाम ढलते ही पूरा शहर रोशनी से जगमगा उठता है और ऐसा लगता है मानो मथुरा नगरी कान्हा के स्वागत के लिए सोलह श्रृंगार कर तैयार हो गई हो।
सबसे आकर्षक नजारा श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर में देखने को मिल रहा है। जन्मभूमि परिसर को इस बार दिव्य और भव्य स्वरूप दिया गया है। मंदिर परिसर में की गई आकर्षक लाइटिंग रात के अंधेरे में अद्भुत छटा बिखेर रही है। अलग-अलग रंगों की रोशनी से जगमगाता श्रीकृष्ण जन्मभूमि परिसर श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां पहुंचने वाले श्रद्धालु इस मनमोहक दृश्य को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करते नजर आ रहे हैं।
जन्माष्टमी के मुख्य पर्व से पहले ही मथुरा में श्रद्धालुओं का आगमन शुरू हो गया है। देश के अलग-अलग हिस्सों से भक्त अपने आराध्य भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव का साक्षी बनने के लिए मथुरा पहुंच रहे हैं। बड़ी संख्या में विदेशी श्रद्धालु भी कृष्ण की जन्मभूमि पहुंचकर भक्ति में डूबे नजर आ रहे हैं। शहर के मंदिरों और प्रमुख धार्मिक स्थलों पर भी श्रद्धालुओं की चहल-पहल बढ़ गई है।
श्रीकृष्ण जन्मभूमि पर मंदिर प्रबंधन की ओर से जन्माष्टमी महोत्सव की तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव के दौरान होने वाले धार्मिक अनुष्ठानों, विशेष पूजा-अर्चना, दर्शन व्यवस्था और श्रद्धालुओं की सुविधा से जुड़ी तैयारियां पूरी की जा रही हैं। मंदिर परिसर में व्यवस्थाओं को अंतिम रूप देने के लिए कर्मचारी और सेवायत लगातार जुटे हुए हैं।
उधर, जिला प्रशासन और पुलिस ने भी जन्माष्टमी को लेकर कमर कस ली है। लाखों श्रद्धालुओं के मथुरा पहुंचने की संभावना को देखते हुए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था को लेकर व्यापक तैयारियां की गई हैं। प्रमुख मार्गों, चौराहों और धार्मिक स्थलों पर पुलिस बल की तैनाती की गई है। भीड़ को नियंत्रित करने और श्रद्धालुओं की आवाजाही को सुगम बनाए रखने के लिए ट्रैफिक व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है।
मथुरा के बाजार भी पूरी तरह जन्माष्टमी के रंग में रंग चुके हैं। दुकानों और प्रतिष्ठानों पर कान्हा से जुड़ी आकर्षक सजावट की गई है। बाजारों में भगवान श्रीकृष्ण की पोशाक, मुकुट, बांसुरी, झूले और पूजा सामग्री की दुकानें श्रद्धालुओं को अपनी ओर आकर्षित कर रही हैं। छोटे बच्चों के लिए कान्हा की पोशाक से लेकर घरों में सजाए जाने वाले झूलों तक की खरीदारी को लेकर लोगों में खासा उत्साह है।
मथुरा की गलियों, बाजारों, चौराहों और मंदिरों से लेकर श्रीकृष्ण जन्मभूमि तक हर तरफ भक्ति, उल्लास और रोशनी का संगम दिखाई दे रहा है। जन्माष्टमी से पहले सजी मथुरा नगरी मानो अपने लाला के आगमन का बेसब्री से इंतजार कर रही है। रंग-बिरंगी रोशनी में नहाई श्रीकृष्ण जन्मभूमि और कृष्ण भक्ति में डूबी मथुरा यह एहसास करा रही है कि कान्हा के जन्मोत्सव की घड़ी अब बेहद करीब है।
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ और श्रीकृष्ण जन्मस्थान की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस-प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए व्यापक इंतजाम किए हैं।
श्रीकृष्ण जन्मस्थान परिसर की सुरक्षा में सीआरपीएफ, एलआईयू, आईबी, ब्लैक कैट कमांडो, पीएसी और सिविल पुलिस के जवानों की तैनाती की गई है। इसके अलावा डॉग स्क्वायड, बम डिस्पोजल स्क्वायड और एंटी-सबोटाज टीमों को भी सक्रिय किया गया है। सुरक्षा टीमें लगातार संदिग्ध वस्तुओं और गतिविधियों की जांच कर रही हैं। मंदिर परिसर के साथ-साथ आसपास के इलाकों में भी विशेष सतर्कता बरती जा रही है।
कुल मिलाकर, श्रीकृष्ण जन्माष्टमी पर जन्मस्थान की सुरक्षा को लेकर पुलिस और प्रशासन ने बहुस्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। 7 जोन, 35 सेक्टर, अतिरिक्त पुलिस बल, खुफिया एजेंसियां, सीसीटीवी, डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्तों की तैनाती के जरिए सुरक्षा को मजबूत किया गया है, ताकि लाखों श्रद्धालु बिना किसी परेशानी के भगवान श्रीकृष्ण के जन्मोत्सव में शामिल हो सकें और पर्व शांतिपूर्ण एवं सुरक्षित माहौल में संपन्न कराया जा सके।