

Mathura Agniveer Suraj Singh: लेह में हुए सड़क हादसे में भारतीय सेना की राजपूताना राइफल्स (2 RAJRIF) में तैनात मथुरा के वीर सपूत अग्निवीर सूरज सिंह वीरगति को प्राप्त हो गए। देश की सेवा करते हुए उनके शहीद होने की खबर जैसे ही परिजनों और क्षेत्रवासियों को मिली, पूरे इलाके में शोक की लहर दौड़ गई। बुधवार सुबह तिरंगे में लिपटा उनका पार्थिव शरीर मथुरा की इंदुपुरम कॉलोनी स्थित आवास पर पहुंचा तो माहौल गमगीन हो गया। परिवार के लोगों का रो-रोकर बुरा हाल था।
सूरज सिंह के अंतिम दर्शन के लिए सुबह से ही बड़ी संख्या में लोग उनके आवास पर पहुंचने लगे। रिश्तेदारों, परिचितों, पड़ोसियों और क्षेत्रवासियों ने शहीद के अंतिम दर्शन कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। तिरंगे में लिपटे पार्थिव शरीर को देखकर हर किसी की आंखें नम थीं। परिवार के सदस्यों के साथ आसपास के लोगों ने भी भारत माता के वीर सपूत को अंतिम विदाई दी।
जिला सैनिक कल्याण एवं पुनर्वास अधिकारी तेजवीर सिंह ने बताया कि अग्निवीर सूरज सिंह भारतीय सेना में अपनी सेवाएं देते हुए वीरगति को प्राप्त हुए। उन्होंने कहा कि देश की सेवा के दौरान प्राण न्योछावर करने वाले सूरज सिंह की शहादत पर सभी को गर्व है। अधिकारियों और सेना के प्रतिनिधियों की मौजूदगी में उनके पार्थिव शरीर को अंतिम संस्कार के लिए पैतृक गांव ले जाया गया।
पैतृक गांव में शहीद सूरज सिंह का अंतिम संस्कार राजकीय सम्मान के साथ किया गया। सैन्य परंपराओं के अनुरूप अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की गई। परिजनों ने उन्हें मुखाग्नि दी। इस दौरान सेना के प्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों, ग्रामीणों और आसपास के क्षेत्रों से पहुंचे लोगों की भारी मौजूदगी रही।
शहीद की अंतिम यात्रा जब गांव की गलियों से निकली तो बड़ी संख्या में लोग इसमें शामिल हो गए। लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर और ‘भारत माता की जय’, ‘सूरज सिंह अमर रहें’ जैसे नारों के साथ अपने वीर सपूत को अंतिम विदाई दी। अंतिम यात्रा के दौरान वातावरण देशभक्ति के नारों से गूंज उठा। लोगों की आंखों में जहां अपने वीर बेटे को खोने का गम था, वहीं देश की सेवा करते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले सूरज सिंह के प्रति गर्व भी दिखाई दिया।
अंतिम संस्कार में विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, जनप्रतिनिधियों, समाजसेवियों और स्थानीय लोगों ने पहुंचकर शोकाकुल परिवार से मुलाकात की। सभी ने परिवार को ढांढस बंधाते हुए इस कठिन समय में उनके साथ खड़े रहने का भरोसा दिया।
परिजनों और क्षेत्रवासियों का कहना है कि सूरज सिंह ने देश की रक्षा और सेवा के लिए अपना जीवन समर्पित कर दिया। उनकी शहादत आने वाली पीढ़ियों के लिए भी प्रेरणा बनी रहेगी। मथुरा की धरती अपने इस वीर सपूत को हमेशा सम्मान और गर्व के साथ याद रखेगी।