

Ghaziabad Gold Loan Fraud: गाजियाबाद के आरडीएसी स्थित फेडरल बैंक की शाखा में नकली सोना गिरवी रखकर 18 लोगों ने 1 करोड़ 46 लाख रुपए का लोन ले लिया। बैंक ने गोल्ड लोन खातों की जांच कराई तो गिरवी रखे आभूषण नकली मिले। इसके बाद बैंक मैनेजर शाजिया बानो ने कविनगर थाने में शिकायत दी।
पुलिस ने शिकायत के आधार पर 18 लोगों के खिलाफ ऋकफ दर्ज की है। डीसीपी सिटी धवल जायसवाल के मुताबिक मामले में गोल्ड की जांच करने वाली फर्म और बैंक से ग्राहकों को जोड़ने में भूमिका निभाने वाले लोगों के नाम भी सामने आए हैं। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है।
बैंक मैनेजर शाजिया बानो ने पुलिस को बताया कि फोबोस गोल्ड के दीपक डल्ला ने अलग-अलग लोगों के लाए जेवरात की जांच की थी। जांच के बाद इन्हें असली बताते हुए प्रमाण पत्र भी जारी किए गए।
वहीं, रूपीक फिटनेस के अधिकारी हर्ष कुमार और अनुराग सिंह पर आरोप है कि उन्होंने फर्जी ग्राहकों को बैंक से जोड़ने और उनकी लोन फाइल तैयार कराने में भूमिका निभाई। पुलिस के मुताबिक इसी प्रक्रिया के जरिए 18 लोगों ने बैंक से गोल्ड लोन कराया।
पुलिस के अनुसार 10 जून 2026 को दीपांशु बंसल अपने साथियों के साथ बैंक पहुंचा था। यहां सोने के जेवरात गिरवी रखकर लोन लेने की प्रक्रिया शुरू हुई। इसी दौरान रैंडम चेकिंग में आभूषण नकली पाए गए।
मामला सामने आने के बाद बैंक अधिकारियों ने संबंधित लोगों को बुलाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं पहुंचे। इसके बाद बैंक ने गोल्ड लोन खातों और गिरवी रखे आभूषणों का ऑडिट कराया। जांच में कई खातों में रखा सोना नकली मिला।
बैंक की जांच के बाद कविनगर पुलिस ने 18 आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। इनमें गाजियाबाद के दिल्ली गेट निवासी दीपांशु बंसल, मयूर बंसल, शहजाद खान, अलीबिन हुसैन, विकास, अश्वनी, मुकुल, कविता, अंकुर, साहिल सिंह, धर्मवीर, दीपक डल्ला, अनुराग, कैफ नोमान, रूपीक फिटनेस कंपनी के रीजनल मैनेजर हर्ष, वसीम अब्बास और अन्य शामिल हैं।
पुलिस अब आरोपियों की भूमिका, लोन की प्रक्रिया और नकली आभूषणों की जांच से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल कर रही है। बैंक को हुए 1 करोड़ 46 लाख रुपए के नुकसान से जुड़े रिकॉर्ड भी जांच में शामिल किए गए हैं।