

Krishna Janmabhoomi Shahi Eidgah Case: श्रीकृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह मस्जिद प्रकरण में मंगलवार को सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर आपसी समझौते के लिए लोक अदालत में फिर सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर पक्ष की ओर से पक्षकार उपस्थित हुए, जबकि मुस्लिम पक्ष की ओर से शाही ईदगाह मस्जिद पक्ष के प्रतिनिधि उपस्थित नहीं हुए।
दोनों पक्षों के बीच आपसी समझौते की संभावना तलाशने के लिए सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर लोक अदालत में सुनवाई का अवसर दिया गया था। मुस्लिम पक्ष के लगातार लोक अदालत की कार्यवाही में शामिल न होने पर हिंदू पक्ष ने आपत्ति दर्ज कराई।
अब मामले में 21 और 22 अगस्त को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई प्रस्तावित है। लोक अदालत की कार्यवाही में मुस्लिम पक्ष के शामिल नहीं होने पर चित्रगुप्त पीठाधीश्वर स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने नाराजगी जताई।
सच्चिदानंद महाराज ने दावा किया कि मुस्लिम पक्ष के पास शाही ईदगाह मस्जिद के संबंध में कोई साक्ष्य नहीं है और सवाल उठाया कि मुस्लिम पक्ष न्यायालय में मामले को कब तक टालता रहेगा।
स्वामी सच्चिदानंद महाराज ने चेतावनी देते हुए कहा कि 6 दिसंबर को कारसेवक शौर्य दिवस मनाते हुए विवादित ढांचे को ध्वस्त कर दिया जाएगा। उनके इस बयान के बाद मामले को लेकर एक बार फिर विवाद गहराने की संभावना है।