मथुरा में परिवार संग सनातन प्रेमियों ने देखी फिल्म हनुमान अंश, जय श्रीराम के जयकारों से गूंजा सिनेमा हॉल

Mathura News: मथुरा में सनातन धर्म प्रेमी युवाओं ने परिवार के साथ आध्यात्मिक फिल्म हनुमान अंश देखी। फिल्म से पहले सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ हुआ, बाबा नीम करौली के जीवन व सेवा संदेश से दर्शक रूबरू हुए।
Hanuman Ansh Movie Screening in Mathura Promotes Spiritual and Cultural Values
फिल्म हनुमान अंश देखते हुए सनातन धर्म प्रेमी युवा(सोर्स- फोटो नवभारत)
Published on: 
Updated on: 

Hanuman Ansh Movie Mathura: धर्मनगरी मथुरा में सनातन धर्म और भारतीय संस्कृति के प्रति युवाओं को जागरूक करने के उद्देश्य से सनातन धर्म प्रेमी युवाओं ने अपने परिवारों के साथ आध्यात्मिक फिल्म ‘हनुमान अंश’ देखी। फिल्म देखने के लिए बड़ी संख्या में युवा अपनी महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों के साथ सिनेमा हॉल पहुंचे। इस दौरान पूरा माहौल भक्तिमय नजर आया और जय श्रीराम के जयकारों से सिनेमा हॉल गूंज उठा।

फिल्म के प्रदर्शन से पहले हनुमान चालीसा का सामूहिक पाठ किया गया। इसके बाद फिल्म की शुरुआत हुई। साधु-संतों और सनातन धर्म से जुड़े लोगों की मौजूदगी में दर्शकों ने बाबा नीम करौली के जीवन, उनकी हनुमान भक्ति, आध्यात्मिक विचारों और मानव सेवा से जुड़े प्रसंगों को फिल्म के माध्यम से देखा।

बच्चों और बुजुर्गों में दिखा खास उत्साह

फिल्म देखने पहुंचे बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक में खासा उत्साह नजर आया। फिल्म के कई प्रसंगों के दौरान दर्शक भक्तिभाव में दिखाई दिए। युवाओं ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में नई पीढ़ी को भारतीय संस्कृति, सनातन परंपराओं और संत-महात्माओं के जीवन से जोड़ना बेहद जरूरी है।

सनातन प्रेमियों ने देखी फिल्म हनुमान अंश
सनातन प्रेमियों ने देखी फिल्म हनुमान अंश(सोर्स- फोटो नवभारत)
Hanuman Ansh Movie Screening in Mathura Promotes Spiritual and Cultural Values
पीएम मोदी के जन्मदिन पर वाराणसी में सेवा संकल्प अभियान का शुभारंभ, राजनाथ सिंह ने गिनाईं उपलब्धियां

युवाओं का कहना है कि बाबा नीम करौली का जीवन भक्ति, सेवा और मानवता का संदेश देता है। फिल्म के माध्यम से युवा पीढ़ी को यह समझने का अवसर मिलता है कि आध्यात्मिक जीवन केवल पूजा-पाठ तक सीमित नहीं है, बल्कि सेवा, सरलता और मानव कल्याण भी इसका महत्वपूर्ण हिस्सा हैं।

ऐसी फिल्में संत-महात्माओं के जीवन से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम

महामंडलेश्वर धर्मेंद्र गिरी महाराज ने कहा कि भारतीय संस्कृति और सनातन परंपराओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए ऐसे प्रयास महत्वपूर्ण हैं। धार्मिक और आध्यात्मिक विषयों पर बनने वाली फिल्में युवाओं और बच्चों को संत-महात्माओं के जीवन से परिचित कराने का प्रभावी माध्यम बन सकती हैं।

वहीं, फिल्म देखने पहुंचे ठाकुर प्रकाश सिंह सहित अन्य धर्मप्रेमियों ने कहा कि परिवार के साथ ऐसी फिल्में देखने से बच्चों और बुजुर्गों के बीच अपनी संस्कृति और आध्यात्मिक विरासत को लेकर संवाद बढ़ता है। युवाओं ने भगवान हनुमान के जीवन से प्रेरणा लेकर सेवा, समर्पण और अनुशासन के मार्ग पर चलने का संदेश दिया।

मथुरा में ‘हनुमान अंश’ देखने पहुंचे सनातन धर्म प्रेमी युवाओं का कहना है कि आधुनिक जीवन की भागदौड़ के बीच नई पीढ़ी को अपनी जड़ों, भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों से जोड़े रखना जरूरी है। बाबा नीम करौली के जीवन और हनुमान भक्ति से प्रेरणा लेते हुए युवाओं ने भक्ति के साथ-साथ मानव सेवा और समाज के प्रति जिम्मेदारी निभाने का संकल्प लेने की बात कही।