कहीं उल्टे तो कहीं लेटे हुए हैं भगवान हनुमान, जानें पवनपुत्र के 5 चमत्कारी और प्रसिद्ध धाम

Hanuman Ji Ke Prasidh Mandir: देश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर अपने-आप बड़ा महत्व रखता है। यहां भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में विराजमान है।
Hanuman Ji Ke Chamatkari Mandir
हनुमान जी (सौ.AI)
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Hanuman Ji Ke Chamatkari Mandir:आज पूरे देशभर में हनुमान जयंती का पर्व बड़े ही धूमधाम और श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। हनुमान जयंती को लेकर भक्तों में खास उत्साह देखने को मिल रहा है, जगह-जगह भंडारे और भजन कीर्तन चल रहे हैं।

इस शुभ अवसर पर भक्तगण हनुमान जी की कृपा एवं आशीर्वाद लेने के लिए उनके पावन धाम यानी मंदिरों में जाते हैं।

लोक मान्यता है कि भगवान हनुमान के सिद्ध और चमत्कारी धाम के दर्शन से भक्तों की सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती हैं और जीवन के कष्ट दूर हो जाते हैं। इसी आस्था को मानते हुए श्रद्धालु दूर-दूर से उनके पवित्र धाम के दर्शन करने पहुंचते हैं।

ऐसे में आज आइए हनुमान जयंती के शुभ अवसर पर भारत के उन हनुमान जी के सिद्ध और चमत्कारी धाम के बारे में विस्तार से जानते है-

  • प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान का मंदिर

प्राप्त जानकारी के अनुसार, देश के प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में प्रयागराज के लेटे हुए हनुमान जी का मंदिर अपने-आप बड़ा महत्व रखता है। यहां भगवान हनुमान की प्रतिमा लेटी हुई मुद्रा में विराजमान है। मान्यता है कि गंगा नदी हर वर्ष उन्हें स्नान कराने आती हैं। हनुमत भक्तों का मानना है कि यहां पर दर्शन और पूजन करने पर श्री हनुमान जी शीघ्र ही मनोकामना को पूरा करते है। यही कारण है कि प्रयागराज के संगम पर डुबकी लगाने वाला हर व्यक्ति हनुमान जी के दर्शन करना नहीं भूलता है।

  • पटना का महावीर हनुमान मंदिर

देश के दूसरे प्रसिद्ध हनुमान मंदिरों में से एक बिहार की राजधानी पटना शहर में भी स्थित है, जिसे लोग महावीर मंदिर के नाम से जानते है। यह मंदिर हनुमान जी का अत्यंत ही सिद्ध धाम माना जाता है। ऐसी मान्यता है कि इस मंदिर में देश प्रसिद्ध मंदिरों की तरह हर साल बड़ा चढ़ावा आता है। जिससे तमाम तरह के धार्मिक एवं सामाजिक कार्य संपन्न होते है। बताया जाता है कि इस मंदिर में जाने वाला भक्त कभी खाली हाथ नहीं लौटता है बल्कि भगवान हनुमान की कृपा से उसकी हर मनोकामना पूर्ण होती है और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

  • छत्तीसगढ़ का गिरिजाबंध हनुमान मंदिर

छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के पास रतनपुर में विश्व का एकमात्र ऐसा हनुमान जी का पावन धाम है जहां पर हनुमान जी को स्त्री के वेश रूप में पूजा जाता है। हनुमान जी के इस सिद्ध धाम को गिरिजाबंध हनुमान मंदिर के नाम से जाना जाता है। यहां पर हनुमान जी काफी प्राचीन दक्षिणमुखी प्रतिमा है। ऐसी मान्यता है कि इस हनुमान जी के मंदिर में सच्चे मन से पूजा करने वाले की हर मनोकामना पूरी होती है।

  • दिल्ली का सिद्ध हनुमत धाम

देश की राजधानी दिल्ली में कनॉट प्लेस स्थित हनुमान जी का मंदिर हनुमत भक्तों की आस्था का बड़ा केंद्र रहा है। हनुमान जी का यह पावन धाम पांडवकालीन माना जाता है। धर्म ग्रथों में बताया है कि इस मंदिर को पांडवों ने बनवाया था. यहां पर हनुमान जी के दर्शन बाल स्वरूप में होते हैं। हिंदू मान्यता के अनुसार बजरंगी के इस पावन धाम में सिंदूर का चोला और इत्र की शीशी चढ़ाने से सभी संकट दूर और सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती हैं।

  • उत्तर प्रदेश के चित्रकूट का हनुमान मंदिर

उत्तर प्रदेश के चित्रकूट में हनुमान जी का यह प्रसिद्ध मंदिर हैं। बताया जाता है कि, यहां हनुमान जी की मूर्ति के ठीक ऊपर दो कुंड हैं, जिनसे हमेशा यहां पर शीतल जलधारा बहती रहती हैं। मान्यता है कि हनुमान जी के इस मंदिर में दर्शन और पूजन करने वाले हर भक्त की कामनाएं शीघ्र ही पूरी होती हैं।

  • हनुमानगढ़ी के दर्शन बगैर अधूरी है अयोध्या यात्रा

अगर बात अयोध्या की करें, तो यहां हनुमानगढ़ी एक प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिर है, जो श्री राम मंदिर के पास स्थित है। इस मंदिर में भगवान हनुमान बाल रूप में विराजमान हैं और उन्हें अयोध्या का कोतवाल माना जाता है।

मान्यता है कि भक्त पहले हनुमानगढ़ी के दर्शन करते हैं, उसके बाद ही रामलला के दर्शन करते हैं। ऊंचे टीले पर स्थित इस मंदिर तक पहुंचने के लिए सीढ़ियां चढ़नी पड़ती हैं। कहा जाता है कि हनुमानगढ़ी के दर्शन के बिना अयोध्या की यात्रा अधूरी मानी जाती है।

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