

Baba Neem Karoli Maharaj Vrindavan: बाबा नीम करौरी महाराज के प्रारंभिक जीवन और उनके आध्यात्मिक व्यक्तित्व पर आधारित बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘हनुमान अंश’ की निर्माता अनुप्रिया नागर बुधवार को अपने माता-पिता के साथ धर्मनगरी वृंदावन पहुंचीं। वृंदावन पहुंचने पर उन्होंने सबसे पहले संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम पहुंचकर उनका आशीर्वाद लिया। इस दौरान उन्होंने आध्यात्मिक मार्गदर्शन प्राप्त किया और फिल्म की सफलता के लिए संतों का आशीर्वाद लिया।
संत प्रेमानंद महाराज से मुलाकात को अनुप्रिया नागर ने अपने लिए बेहद विशेष और भावुक अनुभव बताया। उन्होंने कहा कि वृंदावन की आध्यात्मिक ऊर्जा और संतों का सानिध्य हमेशा उन्हें प्रेरणा देता है। बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन और उनके संदेश को बड़े पर्दे के माध्यम से देश-दुनिया तक पहुंचाने के उद्देश्य से बनाई जा रही फिल्म को लेकर उन्होंने संतों से आशीर्वाद प्राप्त किया।
इसके बाद रामायण रिसर्च कॉन्सिल की ओर से आयोजित रामायणी सम्मान समारोह में अनुप्रिया नागर का साधु-संतों और धर्माचार्यों की ओर से सम्मान किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुआ। धार्मिक वातावरण के बीच आयोजित समारोह में संतों और धर्माचार्यों ने फिल्म निर्माण के इस प्रयास की सराहना की और इसे भारतीय आध्यात्मिक परंपरा तथा संत संस्कृति को नई पीढ़ी तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास बताया।
पत्रकारों से बातचीत करते हुए फिल्म की निर्माता अनुप्रिया नागर ने अपने फिल्म निर्माण के अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन से जुड़ी कथा और उनके आध्यात्मिक प्रभाव को भारतीय समाज तक पहुंचाने की प्रेरणा उन्हें मिली। इस उद्देश्य को पूरा करने के लिए उन्होंने अपनी बचत तक फिल्म निर्माण में लगा दी।
अनुप्रिया नागर ने कहा कि फिल्म का निर्माण उनके लिए केवल एक व्यावसायिक परियोजना नहीं, बल्कि एक आध्यात्मिक यात्रा भी बन गया है। इस सफर के दौरान उन्हें कई ऐसे अनुभव हुए, जिन्हें वह हनुमान जी की कृपा मानती हैं। उन्होंने कहा कि फिल्म से जुड़े कई महत्वपूर्ण पड़ाव ऐसे रहे, जहां परिस्थितियां अप्रत्याशित रूप से उनके पक्ष में आती चली गईं। इन अनुभवों ने उनके विश्वास को और मजबूत किया।
उन्होंने बताया कि बाबा नीम करौरी महाराज का जीवन त्याग, सेवा, भक्ति और मानवता का संदेश देता है। ऐसे संत के जीवन को पर्दे पर प्रस्तुत करना उनके लिए बड़ी जिम्मेदारी है। उनका प्रयास है कि फिल्म के माध्यम से बाबा के जीवन के उन पहलुओं को दर्शकों तक पहुंचाया जाए, जो समाज को सेवा, आध्यात्मिकता और मानव कल्याण की प्रेरणा देते हैं।
वृंदावन यात्रा के दौरान माता-पिता का साथ होने को भी अनुप्रिया नागर ने अपने लिए विशेष बताया। उन्होंने कहा कि परिवार और संतों का आशीर्वाद उनके लिए सबसे बड़ी शक्ति है। संत प्रेमानंद महाराज से दोबारा मुलाकात को उन्होंने अपने जीवन का यादगार अनुभव बताते हुए कहा कि वृंदावन आकर उन्हें नई ऊर्जा और सकारात्मकता का अनुभव हुआ है।
समारोह में मौजूद साधु-संतों ने ‘हनुमान अंश’ के निर्माण के लिए अनुप्रिया नागर को शुभकामनाएं दीं और उम्मीद जताई कि फिल्म बाबा नीम करौरी महाराज के जीवन, उनके विचारों और सनातन आध्यात्मिक परंपरा के संदेश को देश-विदेश के दर्शकों तक पहुंचाने में सफल होगी।