

Hanuman Ansh Movie 2026: सिनेमाघरों में रिलीज हुई डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी की नई फिल्म हनुमान अंश इन दिनों दर्शकों और श्रद्धालुओं के बीच काफी चर्चा में है। यह फिल्म प्रसिद्ध संत नीब करौली बाबा के जीवन, उनकी भक्ति और आध्यात्मिक यात्रा से प्रेरित है। महान संत के अलौकिक जीवन और उनके प्रति लोगों की अटूट श्रद्धा को विशाल चतुर्वेदी ने बड़े पर्दे पर बेहद भावुक अंदाज में उकेरने की कोशिश की है। सीमित संसाधनों और कम बजट के बावजूद प्रोड्यूसर ने इस भक्तिपूर्ण कहानी को जिस सादगी से प्रस्तुत किया है, उसकी सराहना की जा रही है।
फिल्म हनुमान अंश की कहानी एक आम इंसान की आध्यात्मिक खोज और दिव्य शक्तियों से जुड़े अनुभवों को दर्शाती है। मुख्य पात्र के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ाव और संकट के क्षणों में नीम करौली बाबा की कृपा कैसे रास्ता दिखाती है, यही इस सिनेमाई सफर का मूल आधार है। फिल्म में आस्था और आधुनिक विचारों के बीच के संतुलन को दिखाने का प्रयास किया गया है। कहानी केवल चमत्कारों तक सीमित नहीं रहती, बल्कि यह निस्वार्थ सेवा, करुणा और भक्ति के महत्व को भी दर्शकों के सामने सरलता से रखती है।
फिल्म हनुमान अंश के निर्माण से जुड़ी कई कहानियां भी बेहद दिलचस्प और अचरज में डालने वाली हैं। डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी ने बताया कि चित्रकूट में शूटिंग के दौरान जब मुख्य एक्टर की तबीयत अचानक खराब हो गई, तो उनके असिस्टेंट डायरेक्टर शोभिनव सत्या को मुख्य भूमिका सौंपनी पड़ी।
उन्होंने बाबा के किरदार को बेहद जीवंत तरीके से निभाया। इसके अलावा शूटिंग के दौरान लोकेशन पर अचानक एक लंगूर का आना और पूरी शूटिंग के दौरान वहीं बने रहना भी पूरी टीम के लिए किसी चमत्कारिक अनुभव से कम नहीं रहा।
हनुमान अंश में एक्टिंग की बात करें तो शोभिनव सत्या ने बाबा के रूप में अपनी भूमिका के साथ पूरा न्याय किया है। उनकी सहजता दर्शकों को सीधा उनसे जोड़ती है। अन्य सहयोगी कलाकारों, जिनमें चंदन आनंद और अनिल रस्तोगी शामिल हैं, ने भी अपने-अपने किरदारों को पूरी ईमानदारी से निभाया है।
फिल्म का संगीत और संवाद माहौल में एक दिव्य ऊर्जा का संचार करते हैं। हालांकि, एकल ट्रैक पर चलने की वजह से बीच-बीच में कहानी की गति थोड़ी धीमी जरूर महसूस होती है, लेकिन इसका भावुक पक्ष दर्शकों को बांधे रखता है। अगर आप नीम करौली बाबा के जीवन और उनके भक्ति मार्ग को करीब से समझना चाहते हैं, तो यह फिल्म एक बार जरूर देखी जा सकती है।
बता दें कि बाबा नीब करौरी की महिमा केवल भारत की सीमाओं तक ही सीमित नहीं रही बल्कि 7 समंदर पार भी उनकी आस्था के झंडे गड़े हैं। एप्पल के संस्थापक स्टीव जॉब्स से लेकर फेसबुक के मुखिया मार्क जुकरबर्ग तक ने बाबा के आश्रम में आकर अपने जीवन की नई राह खोजी थी।