श्रद्धा और उल्लास के साथ निकली भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा, जय जगन्नाथ के जयघोष से गूंजी श्रीकृष्ण जन्मभूमि
Mathura Rath Yatra: श्रीकृष्ण जन्मस्थान से भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा निकाली गई। हजारों श्रद्धालुओं ने रथ खींचा। इस दौरान मणिपुर और गोवर्धन के कलाकारों की प्रस्तुतियां आकर्षण का केंद्र रहीं।
- Reported By: मोहन श्याम शर्मा | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
रथयात्रा (फोटो नवभारत)
Lord Jagannath Rath Yatra Mathura: धर्मनगरी मथुरा में गुरूवार को श्रीकृष्ण जन्मस्थान सेवा-संस्थान के तत्वावधान में भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा श्रद्धा और उल्लास के साथ निकाली गई।
शाम करीब चार बजे श्रीकृष्ण जन्मस्थान से शुरू हुई रथयात्रा मथुरा नगर के प्रमुख मार्गों से होकर निकली। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने भगवान जगन्नाथ, बलराम और देवी सुभद्रा के दिव्य रथ के दर्शन कर पुण्य लाभ अर्जित किया। रथयात्रा डेंगेट, मंडी रामदास, चौक बाजार, स्वामी घाट, छत्ता बाजार, होली गेट, कोतवाली मार्ग और मसानी होते हुए पुनः श्रीकृष्ण जन्मस्थान पहुंची।
पुष्पवर्षा कर श्रद्धालुओं ने किया भगवान का स्वागत
यात्रा मार्ग पर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर भगवान जगन्नाथ का स्वागत किया और जय जगन्नाथ के जयघोष से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा।
इस वर्ष रथयात्रा का सबसे बड़ा आकर्षण मणिपुर से आए कलाकार रहे।
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उन्होंने पारंपरिक ढोल-चोलम, पुंग-चोलम संकीर्तन और लोक कला की मनमोहक प्रस्तुतियों से श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। वहीं गोवर्धन के कलाकारों ने भी नृत्य-संकीर्तन और धार्मिक उद्घोष से रथ यात्रा की शोभा बढ़ाई।
वैदिक मंत्रोच्चार और धार्मिक अनुष्ठानों के साथ संपन्न हुआ कार्यक्रम
बता दें कि रथयात्रा से पहले श्रीकृष्ण जन्मस्थान स्थित भागवत भवन में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भगवान जगन्नाथ का विशेष पूजन-अर्चन और धार्मिक अनुष्ठान संपन्न हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह और श्रद्धा के साथ भगवान के रथ को खींचा।
रथयात्रा के समापन पर भगवान जगन्नाथ को जन्मस्थान परिसर स्थित प्राचीन गुंडिचा मंदिर में विराजमान कराया गया। जहां आषाढ़ शुक्ल एकादशी तक विशेष पूजा-अर्चना और धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था के व्यापक प्रबंध किए गए थे।
