प्रेमानंद महाराज के शिष्य दीपक लोधी मौत मामले में 34 सेकेंड का CCTV वीडियो वायरल, फुटेज को लेकर उठे सवाल

Disciple Of Premanand Death Case: दीपक लोधी की मौत के मामले में 34 सेकेंड का CCTV वीडियो पर वायरल हो रहा जिसमें उसके ऊंचाई से गिरने का दावा किया जा रहा है, हालांकि फुटेज की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई।
 CCTV video regarding the death of Deepak Lodhi disciple of Premanand Maharaj, has gone viral,
वायरल CCTV फुटेज (सोर्स- सोशल मीडिया)
Published on: 
Updated on: 

Deepak Lodhi, Disciple Of Premanand Maharaj Death CCTV Video: वृंदावन के संत प्रेमानंद महाराज के शिष्य रसिक दुलारी शरण उर्फ दीपक लोधी की मौत का मामला लगातार चर्चा में बना हुआ है। इसी बीच सोशल मीडिया पर करीब 34 सेकेंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। दावा किया जा रहा है कि यह वही CCTV फुटेज है, जिसमें दीपक लोधी मौत से पहले कथित तौर पर छत से छलांग लगाते हुए दिखाई दे रहे हैं। हालांकि, वायरल वीडियो की स्वतंत्र रूप से पुष्टि अभी नहीं हुई है।

सोशल मीडिया पर प्रसारित इस वीडियो में CCTV कैमरे जैसा दृश्य दिखाई देता है। वीडियो में एक व्यक्ति ऊंचाई से नीचे गिरता हुआ नजर आता है। इसी आधार पर इसे दीपक लोधी की मौत से जोड़कर वायरल किया जा रहा है। हालांकि, अभी यह स्पष्ट नहीं है कि वीडियो वास्तव में घटनास्थल पर लगे CCTV कैमरे की मूल रिकॉर्डिंग है या किसी अन्य वीडियो को एडिट कर प्रसारित किया गया है।

 CCTV video regarding the death of Deepak Lodhi disciple of Premanand Maharaj, has gone viral,
घायल कैप्टन स्मित मच्छार के शीघ्र स्वास्थ्य लाभ के लिए में महामृत्युंजय महायज्ञ, 11 ब्राह्मणों ने दी आहुतियां

वीडियो की सत्यता को लेकर उठे सवाल

वायरल वीडियो सामने आने के बाद इसकी सत्यता को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। सोशल मीडिया पर कुछ लोग इसे घटना का वास्तविक CCTV फुटेज बता रहे हैं, जबकि कुछ लोग वीडियो में संभावित एडिटिंग या डिजिटल बदलाव की आशंका जता रहे हैं। ऐसे में बिना मूल रिकॉर्डिंग और तकनीकी जांच के इस वीडियो को प्रमाणिक मानना जल्दबाजी होगी।

विशेषज्ञों के मुताबिक, किसी CCTV फुटेज की वास्तविकता की पुष्टि के लिए केवल वीडियो को देखना पर्याप्त नहीं होता। इसके लिए मूल DVR/NVR रिकॉर्डिंग को सुरक्षित करना, रिकॉर्डिंग की तारीख और समय का मिलान करना, कैमरे के स्थान की पुष्टि करना तथा फुटेज के मूल डेटा की जांच करना जरूरी होता है। जरूरत पड़ने पर डिजिटल फॉरेंसिक जांच के जरिए यह भी पता लगाया जा सकता है कि रिकॉर्डिंग में किसी तरह का कट, एडिटिंग अथवा अन्य डिजिटल परिवर्तन तो नहीं किया गया।

 CCTV video regarding the death of Deepak Lodhi disciple of Premanand Maharaj, has gone viral,
मथुरा में पॉक्सो एक्ट-2012 को लेकर जागरूकता कार्यक्रम, छात्राओं को बताए गए कानूनी अधिकार

सत्यता के लिए जांच की इंतजार

दीपक लोधी की मौत के मामले में वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर भी अब पुलिस जांच महत्वपूर्ण हो जाती है। यदि यह फुटेज वास्तव में घटनास्थल के CCTV कैमरे से संबंधित है, तो पुलिस द्वारा मूल रिकॉर्डिंग कब्जे में लेकर उसकी जांच कराए जाने से घटना की परिस्थितियों को समझने में मदद मिल सकती है। वहीं, फुटेज की टाइमलाइन और घटनास्थल से जुड़े अन्य CCTV कैमरों की रिकॉर्डिंग का मिलान भी अहम साक्ष्य साबित हो सकता है।

फिलहाल सोशल मीडिया पर वायरल इस कथित CCTV फुटेज को लेकर किसी अंतिम निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। वीडियो की प्रामाणिकता, उसमें दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान और घटना से उसके संबंध की पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी।

अब निगाहें पुलिस की जांच और मूल CCTV रिकॉर्डिंग की तकनीकी एवं फॉरेंसिक जांच पर हैं। यदि वायरल वीडियो वास्तविक CCTV रिकॉर्डिंग निकलता है तो यह दीपक लोधी की मौत की परिस्थितियों को समझने में महत्वपूर्ण कड़ी हो सकता है। वहीं, यदि फुटेज में किसी तरह की डिजिटल छेड़छाड़ सामने आती है, तो वायरल वीडियो की वास्तविकता को लेकर स्थिति और स्पष्ट हो जाएगी।

Navbharat Live: Hindi News
navbharatlive.com