भरत तिवारी एनकाउंटर विवाद: अनिरुद्धाचार्य ने उठाए सवाल, कहा- शरण में आए व्यक्ति की हत्या मानवता के खिलाफ
Bharat Tiwari Encounter Controversy: भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने प्रतिक्रिया देते हुए पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि एनकाउंटर से समस्याओं का समाधान नहीं होगा।
- Written By: स्निग्धा श्रीवास्तव
अनिरुद्धाचार्य-भरत तिवारी (सोर्स- फोटो नवभारत)
Aniruddhacharya Statement In Bharat Tiwari Encounter Controversy: बिहार के भोजपुर जिले में भरत तिवारी एनकाउंटर का मामला बिहार सरकार के लिए बड़ी चुनौती चुकी है। भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में बिहार पुलिस नेताओं और सामाजिक संगठनों के निशाने पर है। विपक्ष के साथ- साथ वर्तमान सरकार ने भी पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाए है। फेसबुक पर लाइव दिखाए गए इस एनकाउंटर की गूंज बिहार की राजनीति से निकलकर देश भर में पहुंच चुकी है।
भरत तिवारी एनकाउंटर मामले में अब नेताओं और सामाजिक संगठनों के बाद प्रसिद्ध कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने भी अपनी प्रतिक्रिया दी है। अनिरुद्धाचार्य ने भरत तिवारी एनकाउंटर को लेकर बिहार की पुलिस व्यवस्था पर सवाल उठाते हुए कहा कि जो व्यक्ति शरण में आ जाए, उसे मारना धर्म और मानवता दोनों के खिलाफ है। कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने अपने प्रवचन के दौरान कहा कि किसी भी राज्य के लिए अपनी ही जनता की हत्या करना पाप के जैसा है।
व्यवस्था की खामियों के कारण हथियार उठाने को हुआ मजबूर
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि यदि किसी युवक ने व्यवस्था की खामियों, गांव और समाज की समस्याओं के कारण हथियार उठाया है तो उसकी बातों को सुनना चाहिए था। उसे समझाने और मुख्यधारा में लाने का प्रयास करना चाहिए था, न कि उसका एनकाउंटर कर उसे मार देना चाहिए।
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एक को मारेंगे तो दूसरा आएगा
कथावाचक अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि केवल एनकाउंटर कर देने से समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि व्यवस्था की कमियां दूर नहीं की जाएंगी तो एक व्यक्ति को मारोगे तो दूसरा सामने आ जाएगा।
महाराज ने कहा कि जो आतंकवादी है, हत्यारा है या समाज के लिए खतरा है, उसके खिलाफ कठोर कार्रवाई होनी चाहिए। लेकिन जो व्यक्ति समाज और गांव की समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहा है, उसे अलग नजरिए से देखना चाहिए।
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पुलिस व्यवस्था पर उठाए सवाल
अनिरुद्धाचार्य महाराज ने कहा कि केवल शिक्षा प्राप्त कर नौकरी हासिल कर लेना पर्याप्त नहीं है। उसके साथ संवेदनशीलता और संस्कार भी होना चाहिए, पुलिसकर्मियों को कानून के साथ-साथ मानवीय मूल्यों का भी पालन करना चाहिए। सभी पुलिकर्मियों के लिए समाज में न्याय और विश्वास कायम रखने के लिए संवेदनशील दृष्टिकोण आवश्यक है।
मुख्यमंत्री ने दिए न्यायिक जांच के आदेश
बता दें कि भरत तिवारी एनकाउंटर मामलें में बढ़ते विवाद और लगातार उठ रहे सवालों के बीच मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने इस मामले की न्यायिक जांच कराने का आदेश दिए है। बिहार सरकार के मुताबिक जांच रिपोर्ट आने के बाद ही पूरे घटनाक्रम की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
