Barsana: 13 वर्षीय आराध्य ने हाथों के बल पूरी की बरसाना की 7 किलोमीटर परिक्रमा, दादी को दी अनूठी श्रद्धांजलि
Barsana News: बरसाना धाम में आगरा के 13 वर्षीय आराध्य ने अपनी दिवंगत दादी की याद में करीब 7 किलोमीटर लंबी पक्की परिक्रमा हाथों के बल पूरी करने का संकल्प निभाया। उनकी आस्था और समर्पण ने भावुक कर दिया।
- Reported By: मोहन श्याम शर्मा | Edited By: स्निग्धा श्रीवास्तव
परिक्रमा करता आराध्य गुप्ता (सोर्स- फोटो नवभारत)
Barsana Parikrama By Aaradhya: ब्रज की पावन धरती बरसाना से आस्था, संकल्प और अद्भुत साहस की अनूठी मिसाल सामने आई है। आगरा के प्रतीक विहार फेस-2 निवासी 13 वर्षीय आराध्य गुप्ता ने अपनी स्वर्गीय दादी की स्मृति को समर्पित करते हुए बरसाना धाम की करीब सात किलोमीटर लंबी पक्की परिक्रमा हाथों के बल पूरी करने का संकल्प लिया।
दादी को श्रद्धांजलि थी यह परिक्रमा
राधा रानी की नगरी बरसाना पहुंचे आराध्य ने बताया कि यह परिक्रमा उनके लिए केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि अपनी दादी के प्रति श्रद्धांजलि, आस्था और प्रेम की अभिव्यक्ति है। छोटी उम्र में उनके इस कठिन संकल्प ने परिक्रमा मार्ग पर मौजूद श्रद्धालुओं को भी भावुक कर दिया।
परिवार के अनुसार, आराध्य बचपन से ही धार्मिक प्रवृत्ति का है। उनके पिता कमलेश गुप्ता, माता सीमा गुप्ता तथा जुड़वां बहन आराध्या गुप्ता भी धार्मिक गतिविधियों से जुड़े रहते हैं। परिवार से मिले संस्कारों के कारण आराध्य के मन में बचपन से ही भक्ति और सेवा की भावना विकसित हुई।
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पिछले आठ वर्षों से किया कठिन साधना का नियमित अभ्यास
आराध्य ने बताया कि वह पिछले आठ वर्षों से इस कठिन साधना का नियमित अभ्यास कर रहा है। उसकी मां सीमा गुप्ता हर कदम पर उसका उत्साह बढ़ाती हैं और कठिन अभ्यास के दौरान उसका मनोबल बनाए रखती हैं।
परिक्रमा मार्ग पर हाथों के बल आगे बढ़ते आराध्य को देखकर श्रद्धालुओं ने उसकी दृढ़ इच्छाशक्ति और साहस की सराहना की। कई लोगों ने इसे आस्था, अनुशासन और समर्पण की प्रेरणादायक मिसाल बताया।
महज 13 वर्ष की आयु में आराध्य गुप्ता का यह संकल्प यह संदेश देता है कि दृढ़ इच्छाशक्ति और अटूट आस्था के साथ कठिन से कठिन लक्ष्य भी प्राप्त किया जा सकता है। उनकी यह अनूठी साधना बरसाना आने वाले श्रद्धालुओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गई है।
