

Farsa Wale Baba Mathura: उत्तर प्रदेश के मथुरा से एक बड़ी और चौंकाने वाली खबर सामने आई है। गौ-रक्षक संत बाबा चंद्रशेखर, जिन्हें क्षेत्र में "फरसा वाले बाबा" के नाम से जाना जाता था, को शनिवार तड़के गाड़ी से कुचलकर मार डाला गया। यह घटना ब्रज क्षेत्र में आक्रोश की लहर का कारण बन गई है और गौ-रक्षकों ने दिल्ली-आगरा हाईवे (NH-19) पर जाम लगा दिया है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, शनिवार तड़के करीब 4 बजे बाबा चंद्रशेखर को सूचना मिली कि कुछ तस्कर गायों को लेकर भाग रहे हैं। बाबा अपनी बाइक से तस्करों का पीछा करने के लिए निकले थे। घटना कोटवन चौकी के अंतर्गत आने वाले ग्राम नवीपुर के पास हुई। बाबा ने जब तस्करों का पीछा किया, तो उन्होंने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मारी और गाड़ी से कुचलते हुए वहां से भाग गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाबा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया।
घटना के तुरंत बाद, स्थानीय लोगों और गौ-रक्षकों ने तत्परता दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया, जिसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर तीन अन्य आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस प्रशासन फरार आरोपियों की तलाश में लगातार दबिश दे रहा है।
बाबा की हत्या की खबर तेजी से फैली और देखते ही देखते सैकड़ों गौ-भक्त और हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता दिल्ली-आगरा हाईवे पर एकत्रित हो गए। प्रदर्शनकारियों ने हाईवे पर जाम लगा दिया, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। आक्रोशित भीड़ ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और इस दौरान पुलिस पर पथराव भी किया, जिससे मौके पर भगदड़ मच गई और पुलिस को भी वहां से भागना पड़ा। हालांकि तत्काल स्थिति को नियंत्रित करने के लिए भारी संख्या में पीएसी और पुलिस बल तैनात किया गया है। अधिकारी लगातार गौ-रक्षकों को समझाने का प्रयास कर रहे हैं।
बाबा चंद्रशेखर के पार्थिव शरीर को कोसी से आंजनौख गौशाला लाया जा रहा है। बाबा को उनकी निडरता और गौ-सेवा के प्रति अटूट समर्पण के लिए जाना जाता था। उनके निधन से ब्रज के संतों और ग्रामीण क्षेत्रों में गहरा शोक है। मथुरा के ग्रामीणों का कहना है कि बाबा हमेशा गौ-वंश की रक्षा के लिए अपनी जान हथेली पर रखकर चलते थे।
मथुरा के एसएसपी श्लोक कुमार के मुताबिक, बाबा चंद्रशेखर गौ तस्करों का पीछा कर रहे थे और उन्होंने एक गाड़ी को रोक रखा था। घना कोहरा था, और तभी राजस्थान नंबर के ट्रक ने फरसा बाबा को कुचल दिया। एसएसपी ने इसे हत्या की बजाय एक्सीडेंट बताया है और ट्रक ड्राइवर को गिरफ्तार कर लिया है। यह घटना न केवल मथुरा बल्कि पूरे राज्य में एक गंभीर विषय बन गई है, और लोग इसे गौ-रक्षकों के खिलाफ हिंसा और बढ़ते अपराधों के संदर्भ में देख रहे हैं।