बांके बिहारी मंदिर में YouTubers की ‘नो एंट्री’, रील बनाने और भ्रांति फैलाने पर बैन; मीडिया के लिए नई गाइडलाइन
Banke Bihari Temple: वृंदावन के बांके बिहारी मंदिर में यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इंफ्लूएंसर्स का प्रवेश प्रतिबंधित कर दिया गया है। भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यह कड़ा फैसला लिया गया है
- Written By: प्रतीक पाण्डेय
बांके बिहारी मंदिर, फोटो- सोशल मीडिया
Banke Bihari Temple YouTuber Ban: विश्व प्रसिद्ध ठाकुर बांके बिहारी मंदिर में दर्शन व्यवस्था को सुगम बनाने और भ्रामक जानकारियों पर लगाम लगाने के लिए प्रशासन ने सख्त रुख अपनाया है। मंदिर की हाई पावर कमेटी ने परिसर के भीतर रील बनाने या अनाधिकृत वीडियो शूट करने वाले यूट्यूबर्स के प्रवेश पर रोक लगा दी है, जबकि मान्यता प्राप्त मीडिया को प्रवेश की अनुमति होगी।
मथुरा के वृंदावन स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर की हाई पावर कमेटी ने मंदिर परिसर की मर्यादा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एक बड़ा निर्णय लिया है। कमेटी के अध्यक्ष न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त) अशोक कुमार और जिला मजिस्ट्रेट चन्द्र प्रकाश सिंह ने स्पष्ट किया है कि मंदिर परिसर में अब अनाधिकृत, अपंजीकृत और भ्रांति फैलाने वाले यूट्यूबर्स का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। प्रशासन का मानना है कि ये सोशल मीडिया संचालक अक्सर गलत जानकारियां साझा करते हैं, जिससे श्रद्धालुओं के बीच भ्रम की स्थिति पैदा होती है।
भीड़ प्रबंधन और श्रद्धालुओं की असुविधा बनी मुख्य वजह
मंदिर प्रशासन के अनुसार, यूट्यूबर्स और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स द्वारा वीडियो बनाने की होड़ में आम श्रद्धालुओं को दर्शन करने में भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। कई बार ये संचालक रील बनाने के चक्कर में गलियारों और गर्भगृह के सामने भीड़ को रोक देते हैं, जिससे मंदिर का भीड़ प्रबंधन पूरी तरह चरमरा जाता है।
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आगामी रंगभरनी एकादशी और होली के त्योहारों को देखते हुए, जहां लाखों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, यह कदम उठाना अनिवार्य हो गया था ताकि किसी भी प्रकार की अप्रिय स्थिति या भगदड़ से बचा जा सके।
पंजीकृत मीडिया को राहत: प्रवेश के लिए निर्देश जारी
जहां यूट्यूबर्स पर सख्ती बरती गई है, वहीं प्रशासन ने वास्तविक मीडिया कर्मियों को राहत दी है। हाई पावर कमेटी ने स्पष्ट किया है कि मान्यता प्राप्त, पंजीकृत और अधिकृत मीडिया के प्रवेश पर किसी भी प्रकार की रोक नहीं लगाई गई है। अधिकृत मीडिया संस्थान मंदिर परिसर में प्रवेश कर सकते हैं और अपनी कवरेज जारी रख सकते हैं। यह व्यवस्था इसलिए की गई है ताकि मंदिर से जुड़ी सही और प्रामाणिक जानकारी जनता तक पहुँच सके और भ्रामक खबरों पर लगाम लगाई जा सके।
रंगभरनी एकादशी और होली: युद्ध स्तर पर तैयारियां
होली के पावन पर्व और रंगभरनी एकादशी को लेकर वृंदावन में तैयारियां तेज हो गई हैं। नगर आयुक्त जग प्रवेश ने मंगलवार को वृंदावन क्षेत्र का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने छटीकरा से विद्यापीठ और अटला चुंगी मार्ग तक साफ-सफाई, प्रकाश व्यवस्था और सीवर लीकेज की जांच की।
अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं कि मंदिरों के आसपास की सफाई व्यवस्था उच्च कोटि की होनी चाहिए और मार्गों पर कहीं भी कूड़े के ढेर दिखाई नहीं देने चाहिए। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए विभिन्न मार्गों पर बैरिकेडिंग का कार्य भी सुधारात्मक निर्देशों के साथ पूरा किया जा रहा है।
अवैध होर्डिंग्स और अतिक्रमण पर कड़ा प्रहार
प्रशासन ने शहर की सुंदरता और यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए अतिक्रमण विरोधी अभियान भी छेड़ दिया है। नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने प्रेम मंदिर, इस्कॉन मंदिर और जुगल घाट जैसे प्रमुख स्थलों से अवैध तिरपाल, अस्थायी ढांचे और झुग्गी-झोपड़ियों को हटाया है।
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इस कार्रवाई के दौरान 47 अवैध होर्डिंग्स और बैनर जब्त किए गए हैं। प्रवर्तन दल प्रभारी कर्नल आरके सिंह ने चेतावनी दी है कि होली के दौरान किसी भी प्रकार का अवैध होर्डिंग या मार्ग अवरोध बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
