

Manoj Sinha Raebareli Shiv Mahapuran Katha: जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा आज रायबरेली में आयोजित श्री शिव महापुराण कथा में शामिल हुए। इस धार्मिक आयोजन में प्रसिद्ध कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा भी मौजूद रहे। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मनोज सिन्हा ने कहा कि भगवान शिव की शिक्षाएं सत्य और आध्यात्मिक ज्ञान की तलाश करने वाले लोगों के लिए प्रेरणा का स्रोत हैं।
उन्होंने इस आयोजन के लिए उत्तर प्रदेश के मंत्री मनोज कुमार पांडे का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इस तरह के धार्मिक और आध्यात्मिक आयोजनों से लोगों में सकारात्मक ऊर्जा पैदा होती है और समाज में नई चेतना आती है।
मनोज सिन्हा ने कहा कि जिस तरह सोना आग में तपकर शुद्ध होता है, उसी तरह अच्छे लोगों की संगति और आध्यात्मिक वातावरण इंसान के मन और आत्मा को शुद्ध करने में मदद करता है। संतों और धार्मिक आयोजनों से मिलने वाली सीख व्यक्ति को बेहतर जीवन जीने की प्रेरणा देती है।
उन्होंने सनातन धर्म की उस सोच का भी उल्लेख किया, जिसमें पूरी दुनिया को एक परिवार माना गया है। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति हमेशा से एकता, शांति, सद्भाव और मानव कल्याण की बात करती रही है। उनके अनुसार, भारत आज इसी सोच को दुनिया के सामने रखने का काम कर रहा है।
मनोज सिन्हा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व का जिक्र करते हुए कहा कि भारत अपनी प्राचीन सोच और संस्कृति के संदेश को वैश्विक स्तर पर पहुंचा रहा है। उन्होंने दिल्ली में हुए BRICS शिखर सम्मेलन का उल्लेख करते हुए कहा कि ‘वसुधैव कुटुम्बकम’ यानी ‘पूरी दुनिया एक परिवार है’ की भावना आज शांति और आपसी सहयोग के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
उन्होंने कहा कि भारत के पूर्वजों ने हजारों साल पहले जिस विचार की कल्पना की थी, उसकी जरूरत आज पूरी दुनिया महसूस कर रही है। देशों के बीच शांति, सहयोग और सद्भाव बढ़ाने के लिए इस सोच को अपनाना जरूरी है।
लेफ्टिनेंट गवर्नर ने लोगों से समाज में विभाजन पैदा करने वाले तत्वों से सावधान रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि भारत की सबसे बड़ी ताकत उसकी एकता है। सनातन संस्कृति विविधता में एकता, आपसी सम्मान और मानव कल्याण का संदेश देती है।
उन्होंने संतों और समाज के जागरूक लोगों से देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की। मनोज सिन्हा ने कहा कि अगर देश के लोग एकजुट होकर आगे बढ़ेंगे, तो भारत को विकसित राष्ट्र बनाने का लक्ष्य हासिल किया जा सकता है। उन्होंने भरोसा जताया कि एकता और सामूहिक प्रयासों के दम पर भारत अपनी पुरानी प्रतिष्ठा और गौरव को फिर से हासिल करेगा। उन्होंने कहा कि अब समय आ गया है कि भारत दुनिया को शांति, सद्भाव और मानव कल्याण का रास्ता दिखाए।