मणिकर्णिका घाट पर अहिल्याबाई होल्कर की प्रतिमा टूटी, UP में मचा सियासी बवाल, किसने क्या कहा?
Manikarnika Ghat: उत्तर प्रदेश की धार्मिक नगरी वाराणसी इन दिनों लगातार सुर्खियों में है। इसकी बड़ी वजह यहां चल रहे विकास कार्य हैं, जिन्हें लेकर सियासी बयानबाजी भी तेज हो गई है। वाराणसी के मणिकर्णिका घाट पर चल रहे सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास को लेकर शुरू हुआ विवाद अब एक बड़े राजनीतिक टकराव का रूप लेता नजर आ रहा है। मामले के तूल पकड़ने के बीच मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को वाराणसी दौरे पर पहुंचे।
सीएम योगी ने इस दौरान कहा कि कुछ लोग जानबूझकर सोशल मीडिया पर भ्रामक अफवाहें फैला रहे हैं और ऐसे पोस्ट साझा कर काशी की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। वहीं दूसरी ओर, कांग्रेस और समाजवादी पार्टी इस मुद्दे पर यूपी सरकार पर लगातार हमलावर हैं।
मणिकर्णिका घाट के सौंदर्यीकरण और पुनर्विकास को लेकर विवाद उस वक्त शुरू हुआ, जब सोशल मीडिया पर कुछ तस्वीरें वायरल हुईं। इन तस्वीरों में घाट पर खुले में मंदिरों की प्रतिमाएं बिखरी हुई दिखाई दीं। बताया गया कि ये प्रतिमाएं उन मंदिरों की थीं, जिनका निर्माण अहिल्याबाई होलकर ने कराया था।
मणिकर्णिका घाट के सुंदरीकरण को लेकर AI जनरेटेड तस्वीरें और भ्रामक सूचनाएं फैलाने के मामले में थाना चौक में 8 अलग-अलग मामलों को दर्ज किया गया है। इनमें 8 व्यक्तियों समेत अन्य रिट्वीट और आपत्तिजनक टिप्पणी करने वालों के खिलाफ BNS की धारा 196, 298, 299 और 353 के तहत केस दर्ज किया गया है।
कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाए जाने को दुर्भाग्यपूर्ण बताया। उन्होंने प्रशासन की कार्रवाई पर नाराजगी जाहिर करते हुए एक्स पर पोस्ट किया कि बनारस में मणिकर्णिका घाट पर बुलडोजर चलाकर सदियों पुरानी धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत को नुकसान पहुंचाया गया है।
उन्होंने लिखा कि मणिकर्णिका घाट की प्राचीनता और धार्मिक महत्व के साथ-साथ लोकमाता अहिल्याबाई होलकर की स्मृतियां भी इससे जुड़ी हैं। विकास के नाम पर कुछ लोगों के व्यावसायिक हितों के लिए देश की धार्मिक और ऐतिहासिक धरोहरों को मिटाना घोर पाप है। इससे पहले भी बनारस में रिनोवेशन के नाम पर कई सदियों पुराने मंदिर तोड़े जा चुके हैं। काशी की धार्मिक, आध्यात्मिक और सांस्कृतिक पहचान को खत्म करने की कोशिशें तुरंत बंद होनी चाहिए।
इस विवाद के बीच समाजवादी पार्टी के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने भी योगी सरकार पर हमला बोला। भुवनेश्वर में उन्होंने कहा कि पुरानी चीजों को तोड़ देना, हमारे पूर्वजों की धरोहर को नष्ट करना दुर्भाग्यपूर्ण है। ऐसी सरकार हैरिटेज को बर्बाद कर रही है। जो लोग सनातन की बात करते हैं, उन्हें संरक्षण करना चाहिए, इतिहास को बेहतर बनाना चाहिए, नष्ट नहीं करना चाहिए।
मणिकर्णिका घाट विवाद के बीच सीएम योगी ने वाराणसी दौरे के दौरान कहा कि कुछ लोग सोशल मीडिया के जरिए लोगों को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि काशी के घाटों पर धार्मिक परंपराओं में बिना हस्तक्षेप किए विकास कार्य कराए जा रहे हैं। सरकार इन कार्यों में लगी संस्थाओं को पूरा सहयोग दे रही है।
उन्होंने बताया कि अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को बेहतर सुविधाएं देने के उद्देश्य से यह योजनाएं चलाई जा रही हैं। कई बार अव्यवस्था के कारण अधजले शव, जानवरों द्वारा शवों को नुकसान और घाटों पर पानी भरने जैसी समस्याएं सामने आती हैं। ऐसे में 16 संस्कारों में से एक अंतिम संस्कार को सम्मानपूर्वक संपन्न कराने के लिए विकास जरूरी है। दाह संस्कार में कोई बाधा न आए, इसी को ध्यान में रखकर घाटों का विकास किया जा रहा है।
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अहिल्याबाई होलकर 18वीं सदी में इंदौर और मालवा की शासिका थीं। उनका जन्म 31 मई 1725 को हुआ था। कम उम्र में विवाह होने के बावजूद उन्होंने अपनी शिक्षा जारी रखी। उन्हें उनकी आदर्श शासन व्यवस्था के लिए जाना जाता है। अहिल्याबाई होलकर केवल एक शासक नहीं थीं, बल्कि वे धर्म, सेवा, नारी शक्ति और लोककल्याण की प्रतीक भी थीं।