योगी सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति और पारदर्शी व्यवस्था का दिखा असर, शांतिपूर्ण संपन्न हुई PET-2026 परीक्षा

UPSSSC PET 2026: यूपीएसएसएससी की PET-2026 परीक्षा तीन दिनों तक 60 जिलों के 1,372 केंद्रों पर शांतिपूर्ण संपन्न हुई। परीक्षा में 24.36 लाख अभ्यर्थी शामिल हुए और 68.79 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।
UPSSSC PET 2026 Exam Concludes Successfully, 68.79% Candidates Appear Across 60 Districts
यूपीएसएसएससी की PET-2026(सोर्स- सोशल मीडिया)
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Highlights:

  • तीन दिनों तक 60 जनपदों के 1,372 केंद्रों पर शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई परीक्षा

  • 35.41 लाख अभ्यर्थियों ने कराया था पंजीकरण, 24.36 लाख परीक्षा में हुए शामिल

  • एआई, फेसियल रिकॉग्निशन और बायोमेट्रिक से अभ्यर्थियों की पहचान पर नजर

  • 31,602 सीसीटीवी कैमरों और केंद्रीय कमांड कंट्रोल रूम से हुई परीक्षा की निगरानी

  • दो एफआईआर दर्ज, 67 अभ्यर्थी एआई मैचिंग में संदिग्ध चिह्नित

UPSSSC PET Exam 2026: मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश में प्रतियोगी परीक्षाओं को पारदर्शी, निष्पक्ष और नकलविहीन बनाने की दिशा में किए जा रहे प्रयासों का असर प्रारम्भिक अर्हता परीक्षा (पीईटी)-2026 के सफल आयोजन में भी दिखाई दिया।

प्रदेश सरकार की जीरो टॉलरेंस नीति, तकनीक आधारित निगरानी व्यवस्था और प्रशासनिक सतर्कता के बीच उत्तर प्रदेश अधीनस्थ सेवा चयन आयोग (यूपीएसएसएससी) ने पीईटी-2026 की लिखित परीक्षा तीन दिनों तक शांतिपूर्ण, निष्पक्ष एवं शुचितापूर्ण ढंग से संपन्न कराई।

25 और 30 अक्टूबर तथा 1 नवंबर 2026 को प्रदेश के 60 जनपदों के 1,372 परीक्षा केंद्रों पर दो पालियों में परीक्षा आयोजित की गई। परीक्षा के लिए कुल 35,41,297 अभ्यर्थियों ने पंजीकरण कराया था, जिनमें से 24,36,253 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। इस प्रकार कुल 68.79 प्रतिशत उपस्थिति दर्ज की गई।

तकनीक के जरिए पारदर्शिता और शुचिता पर जोर

योगी सरकार की मंशा के अनुरूप परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और नकलविहीन बनाने के लिए इस बार अत्याधुनिक तकनीक का व्यापक इस्तेमाल किया गया। अभ्यर्थियों की पहचान सुनिश्चित करने के लिए फेसियल रिकॉग्निशन-आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), आधार आधारित प्रमाणीकरण और बायोमेट्रिक सत्यापन की व्यवस्था लागू की गई। प्रत्येक उपस्थित अभ्यर्थी का फोटो और आइरिस डाटा भी कैप्चर किया गया।

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परीक्षा केंद्रों पर स्थापित 31,602 सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से परीक्षा की गतिविधियों पर लगातार नजर रखी गई। इसके लिए आयोग कार्यालय में केंद्रीय कमांड एंड कंट्रोल रूम स्थापित किया गया था। साथ ही सभी परीक्षा जनपदों में जिला स्तरीय कमांड एवं लाइव सीसीटीवी कंट्रोल रूम के माध्यम से भी निगरानी की गई।

लगभग 94 हजार कार्मिकों की तैनाती

परीक्षा के सुचारु संचालन और प्रभावी पर्यवेक्षण के लिए 2,744 सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट तथा लगभग 93,738 अधिकारियों और कार्मिकों की तैनाती की गई। परीक्षा ड्यूटी में लगाए गए सभी कार्मिकों की बायोमेट्रिक उपस्थिति अनिवार्य की गई थी। परीक्षा से पहले अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण एवं ब्रीफिंग दी गई तथा केंद्रों का पूर्व निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का सत्यापन किया गया।

परीक्षा की गोपनीयता बनाए रखने के लिए प्रदेश के 20 जनपदों के परीक्षा केंद्रों पर जैमर लगाए गए। प्रवेश से पहले अभ्यर्थियों की निर्धारित प्रक्रिया के तहत फ्रिस्किंग की गई। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस, स्मार्ट वॉच, स्मार्ट ग्लास सहित प्रतिबंधित इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों को परीक्षा कक्ष में ले जाने पर प्रभावी रोक लगाई गई।

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अनियमितता पर सख्ती, दो एफआईआर दर्ज

परीक्षा की शुचिता से खिलवाड़ करने के प्रयासों पर आयोग और प्रशासन ने सख्ती दिखाई। 1 नवंबर को मैनपुरी जनपद में एक अभ्यर्थी राकेश कुमार के पास ब्लूटूथ डिवाइस मिलने पर संबंधित थाने में एफआईआर दर्ज कराई गई।

पूरे तीन दिवसीय परीक्षा आयोजन के दौरान कुल दो अभ्यर्थियों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज कराई गई है। इसके अलावा एआई मैचिंग के माध्यम से कुल 67 अभ्यर्थियों को संदिग्ध चिह्नित किया गया है। इनकी जांच के बाद नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।

अभ्यर्थियों की सुविधा और सुरक्षा के भी व्यापक इंतजाम

परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों के सुगम आवागमन के लिए पर्याप्त संख्या में अतिरिक्त बसों और ट्रेनों का संचालन किया गया। यातायात व्यवस्था को सुचारु रखने और सड़क सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए भी आवश्यक प्रबंध किए गए।

प्रत्येक परीक्षा जनपद में स्वतंत्र हेल्पलाइन की व्यवस्था की गई, ताकि अभ्यर्थियों की समस्याओं का त्वरित समाधान हो सके। जिला प्रशासन, पुलिस प्रशासन, एसटीएफ, इंटेलिजेंस, सेक्टर एवं स्टैटिक मजिस्ट्रेट, केंद्र अधीक्षकों तथा अन्य अधिकारियों और कर्मचारियों के समन्वित प्रयासों से परीक्षा शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई।