

वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का प्रदर्शन
बोले- दूसरी भर्तियों में चयन के बाद 20 हजार पद खाली रह सकते हैं
पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर इको गार्डन भेजा
UP Home Guard Recruitment: यूपी होमगार्ड भर्ती-2025 की वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों ने रविवार को राजधानी लखनऊ में प्रदर्शन किया। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी हजरतगंज स्थित गांधी प्रतिमा के पास पहुंचे और हाथों में पोस्टर लेकर धरने पर बैठ गए। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मामले में हस्तक्षेप कर वेटिंग लिस्ट जारी कराने की मांग की।
प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों का कहना है कि दूसरी भर्तियों में चयन होने के बाद होमगार्ड भर्ती के करीब 15 से 20 हजार पद खाली रहने का अनुमान है। ऐसे में वेटिंग लिस्ट जारी की जानी चाहिए, ताकि भर्ती प्रक्रिया में शामिल रहे अन्य अभ्यर्थियों को भी नियुक्ति का अवसर मिल सके।
प्रदर्शन के दौरान अभ्यर्थियों और पुलिसकर्मियों के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। इसके बाद पुलिस ने गांधी प्रतिमा के बाहर धरना दे रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में ले लिया और उन्हें इको गार्डन भेज दिया। प्रदर्शनकारियों ने पूरे मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
होमगार्ड भर्ती प्रक्रिया पहले भी कई विवादों को लेकर चर्चा में रही है। कानपुर पुलिस लाइन में मेडिकल परीक्षण के दौरान डॉक्टरों के पैनल पर अभ्यर्थियों को छोटी-छोटी कमियां बताकर अनफिट करने और फिट घोषित करने के बदले रिश्वत मांगने के आरोप लगे थे।
अभ्यर्थियों का आरोप था कि स्वस्थ उम्मीदवारों को 'नाक टेढ़ी' या 'आंख में खराबी' जैसी वजह बताकर मेडिकल में अयोग्य किया जा रहा था। वहीं, मेडिकल में पास करने के लिए 10 हजार से 50 हजार रुपये तक की मांग किए जाने का आरोप भी सामने आया था।
अभ्यर्थियों के हंगामे के बाद डॉक्टरों और उनके सहयोगियों के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत एफआईआर दर्ज की गई थी और गिरफ्तारियां भी हुई थीं। इन अनियमितताओं के चलते होमगार्ड कमांडेंट को मेडिकल परीक्षा रद्द करनी पड़ी थी।
भर्ती में शारीरिक माप को लेकर भी विवाद हुआ था। कम लंबाई या सीने की माप के आधार पर बाहर किए गए कुछ अभ्यर्थियों ने इलाहाबाद हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया था। अदालत ने ऐसे पात्र अभ्यर्थियों की दोबारा माप लखनऊ के केजीएमयू स्थित मेडिकल बोर्ड से कराने का आदेश दिया था।
होमगार्ड भर्ती में अधिकतम आयुसीमा 45 वर्ष से घटाकर 30 वर्ष किए जाने का मामला भी अदालत पहुंचा। कुछ अभ्यर्थियों ने इसके खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। इस पर अदालत ने पुलिस भर्ती बोर्ड से जवाब मांगा है।
इन विवादों के बीच अब अभ्यर्थियों ने वेटिंग लिस्ट जारी करने की मांग को लेकर राजधानी में प्रदर्शन किया है। उनका कहना है कि रिक्त रह जाने वाले पदों को प्रतीक्षा सूची के जरिए भरा जाना चाहिए।