

Highlights:
68500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने घेरा विधानसभा
लखनऊ में शिक्षक अभ्यर्थियों का हंगामा, सीटी व घंटा बजाकर जताया विरोध
आठ साल से नियुक्ति का इंतजार
68500 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों ने सरकार से मांगा नियुक्ति शेड्यूल
68500 Teacher Appointment Protest: लखनऊ में 68500 शिक्षक भर्ती के आरक्षण पीड़ित अभ्यर्थियों ने नियुक्ति की मांग को लेकर सोमवार को विधानसभा का घेराव किया। हाथों में बैनर और पोस्टर लेकर पहुंचे अभ्यर्थियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने विधानसभा के सामने सीटी बजाकर, घंटा बजाकर और सड़क पर लेटकर अपना विरोध जताया। प्रदर्शन में बड़ी संख्या में महिला अभ्यर्थी भी शामिल रहीं।
प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश लागू करो' लिखे बैनर थे। अभ्यर्थियों का कहना है कि वे पिछले आठ दिनों से ईको गार्डन में भूख हड़ताल पर बैठे हैं, लेकिन सरकार उनकी मांगों पर ध्यान नहीं दे रही है।
उनका आरोप है कि पिछले आठ साल से उन्हें नियुक्ति से वंचित रखा गया है, जबकि इस मामले में दो आयोगों की ओर से आदेश जारी हो चुके हैं। अभ्यर्थियों का दावा है कि शिक्षा मंत्री भी उनकी मांगों को स्वीकार कर चुके हैं, इसके बावजूद नियुक्ति का रास्ता साफ नहीं हुआ है।
अभ्यर्थियों ने अधिकारियों पर मामले में गुमराह करने का आरोप लगाया। उनका कहना है कि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग का आदेश आने के बाद भी उसे लागू नहीं किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों ने तंज कसते हुए कहा कि सरकार की ओर से उन्हें दीपावली का उपहार देने के बजाय अब तक सिर्फ इंतजार ही मिल रहा है। उनका कहना है कि नवरात्र, दशहरा और करवा चौथ भी आंदोलन करते हुए बीत गए, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ।
अभ्यर्थियों की प्रमुख मांग है कि दीपावली से पहले नियुक्ति का शेड्यूल जारी किया जाए। वे ओबीसी, दिव्यांग और भूतपूर्व सैनिक श्रेणी के अभ्यर्थियों के साथ ही स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के आश्रितों को भी नियुक्ति देने की मांग कर रहे हैं।
विधानसभा के आसपास प्रदर्शनकारियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए पुलिस बल अलर्ट हो गया। पुलिसकर्मियों ने प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों को हिरासत में लेकर ईको गार्डन भेज दिया। हालांकि, अभ्यर्थियों का कहना है कि पुलिस की कार्रवाई से उनका आंदोलन खत्म नहीं होगा। वे नियुक्ति की मांग पूरी होने तक धरना और प्रदर्शन जारी रखेंगे।
रिपोर्ट- ईशांक दीक्षित