गौ रक्षा को बनाएं मतदान का मुद्दा: लखीमपुर खीरी में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद का आह्वान

Swami Avimukteshwarananda: गविष्ठि धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गौ रक्षा और सामाजिक जागरूकता पर जोर दिया व गौ संरक्षण को मतदान का मुद्दा बनाने का संदेश दिया
Shankaracharya Avimukteshwaranand Calls for Cow Protection and Unity During Gavishthi Yatra
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद (सोर्स- फोटो नवभारत)
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Shankaracharya Avimukteshwarananda Statement: लखीमपुर खीरी में आयोजित गविष्ठि यानी गोरक्षार्थ धर्मयुद्ध यात्रा के दौरान ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने सनातन धर्म, गौ रक्षा और सामाजिक जागरूकता को लेकर कई अहम बातें कहीं। उन्होंने कहा कि आज सबसे बड़ा संघर्ष बौद्धिक है और सनातन धर्म की रक्षा के लिए समाज को संगठित होकर आगे आना होगा।

अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती की 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा

ऐतिहासिक 81 दिवसीय गविष्ठि यात्रा के तहत शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती का विभिन्न स्थानों पर भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने कहा कि सनातन धर्म की रक्षा के लिए केवल संगठन नहीं, बल्कि तन, मन, धन और ज्ञान से मजबूत "वज्रांग" बनने की जरूरत है।

शंकराचार्य ने कहा कि वर्तमान समय में समाज पर सबसे बड़ा हमला बौद्धिक स्तर पर हो रहा है। उन्होंने कहा कि ब्राह्मण की शक्ति शस्त्र नहीं बल्कि ज्ञान है और समाज को अपनी संस्कृति, भाषा, शास्त्र और परंपराओं से जुड़ना होगा।

वेद, गौ और ब्राह्मण को बताया सनातन धर्म की नींव

उन्होंने गौ रक्षा को सनातन धर्म का मूल बताते हुए कहा कि वेद, गौ और ब्राह्मण सनातन धर्म की नींव हैं। इनके संरक्षण के बिना धर्म की रक्षा संभव नहीं है। उन्होंने धर्माचार्यों से राजनीतिक दलों के एजेंडे से ऊपर उठकर धर्म का एजेंडा तय करने की अपील की।

शंकराचार्य ने लोगों से गौ रक्षा को मतदान का प्रमुख मुद्दा बनाने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि जनता अपने मत का उपयोग केवल उन लोगों के पक्ष में करे जो गौ माता के सम्मान और संरक्षण के लिए ठोस कदम उठाने का संकल्प लें।

कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने गौ माता की रक्षा का सामूहिक संकल्प लिया और वैदिक मंत्र "अहं हनं वृत्रं गविष्ठौ" का उच्चारण किया। शंकराचार्य ने घोषणा की कि यदि सरकार ने मांगों पर ठोस कदम नहीं उठाए, तो 24 जुलाई को लखनऊ में अगले चरण के आंदोलन की घोषणा की जाएगी।

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