

UPSIDA New CEO Balkar Singh: उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) नए औद्योगिक क्षेत्रों व पार्कों के विकास में तेजी लाएगी। प्राधिकरण भूमि आवंटन, भवन मानचित्र स्वीकृति, लीज निष्पादन, एनओसी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक सरल तथा पारदर्शी बनाएगी।
यूपीसीडा के नए मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) डॉ. बलकार सिंह ने पदभार संभालने के बाद कानपुर स्थित प्राधिकरण मुख्यालय में वरिष्ठ अधिकारियों के साथ अपनी पहली समीक्षा बैठक में कहा कि निवेशकों को त्वरित व पारदर्शी सेवाएं प्रदान करना, औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और औद्योगिक विकास को गति देना शीर्ष प्राथमिकताएं होंगी।
उन्होंने कहा कि राज्य को एक ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने के लक्ष्य को प्राप्त करने में यूपीसीडा की महत्वपूर्ण भूमिका है, और प्राधिकरण इस दिशा में पूरी क्षमता और प्रतिबद्धता के साथ काम करेगा।"
सीईओ डॉ. सिंह ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे सड़कों, बिजली, जलापूर्ति, जल निकासी, स्ट्रीट लाइट, स्वच्छता, सुरक्षा और हरित विकास सहित सभी औद्योगिक क्षेत्रों में आवश्यक सुविधाओं का उच्च गुणवत्ता युक्त विकास और उचित रखरखाव सुनिश्चित करें। उन्होंने साफ किया कि सिंगल-विंडो सिस्टम के माध्यम से निवेशकों को समयबद्ध और पारदर्शी सेवाएं प्रदान करते हुए औद्योगिक बुनियादी ढांचे को मजबूत और आधुनिक बनाया जाए।
यूपीसीडा सीईओ ने स्पष्ट किया कि नए औद्योगिक क्षेत्रों और औद्योगिक पार्कों के विकास में तेजी लाना, निवेश प्रस्तावों और लंबित परियोजनाओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करना, डिजिटल गवर्नेंस और तकनीक-आधारित सेवाओं का विस्तार करना और स्वच्छ, सुरक्षित और हरित औद्योगिक क्षेत्रों का विकास करना उनकी प्राथमिकताओं में रहेगा।
यूपीसीडा इलेक्ट्रॉनिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर, रक्षा और एयरोस्पेस, इलेक्ट्रिक वाहन एवं बैटरी निर्माण, फार्मास्यूटिकल्स, खाद्य प्रसंस्करण, लॉजिस्टिक्स और टेक्सटाइल जैसे उच्च संभावना वाले क्षेत्रों में निवेश आकर्षित करने के लिए विशेष प्रयास करेगी। साथ ही नए औद्योगिक क्षेत्रों, औद्योगिक पार्कों और सेक्टर-स्पेसिफिक क्लस्टर के विकास को प्राथमिकता देगी।
सीईओ ने स्पष्ट किया कि भूमि आवंटन, भवन मानचित्र स्वीकृति, लीज निष्पादन, एनओसी और अन्य ऑनलाइन सेवाओं से संबंधित प्रक्रियाओं को और अधिक सरल तथा पारदर्शी बनाया जाएगा। निवेशकों की शिकायतों और लंबित मामलों के समयबद्ध समाधान के लिए एक प्रभावी निगरानी प्रणाली विकसित की जाएगी।
उन्होंने आगे कहा कि निवेशकों की संतुष्टि ही प्राधिकरण की सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। यूपीसीडा के कामकाज को अधिक पारदर्शी, तकनीक-आधारित और परिणाम-उन्मुख बनाया जाएगा, जिससे निवेशकों को सभी सेवाएं समयबद्ध और कुशल तरीके से मिल सकें। साथ ही यूपीसीडा को एक उत्तरदायी, विश्वसनीय और उद्योग-अनुकूल संस्थान के रूप में और मजबूत किया जाएगा, जिसमें सभी अधिकारी और कर्मचारी टीम वर्क की भावना से मिलकर काम करेंगे।