

KGMU में STF रिपोर्ट पर बड़ा फैसला
डिसिप्लिनरी एक्शन कमेटी का गठन
कुलपति और कुलसचिव के अतिरिक्त चार अन्य सदस्य
KGMU Disciplinary Action Committee Form: किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) में यौन शोषण और धर्मांतरण मामले में STF की रिपोर्ट को लेकर बड़ा फैसला लिया गया । विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने शुक्रवार को कुलपति की अध्यक्षता में आयोजित विशेष बैठक में अनुशासनात्मक कार्रवाई समिति गठित करने का निर्णय लिया है। पूरे प्रकरण में अब STF की रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई कमिटी करेगी। 6 सदस्यों की इस समिति की अध्यक्षता कुलपति करेंगे।
इस बैठक में शासन के माध्यम से प्राप्त STF की रिपोर्ट पर चर्चा हुई। बैठक में कुलसचिव ने STF की पूरी रिपोर्ट कार्य परिषद के सामने रखा ।
प्रस्तावित समिति में कुलपति और कुलसचिव के अतिरिक्त चार अन्य सदस्य होंगे। इनमें दो सदस्य विश्वविद्यालय के वर्तमान वरिष्ठ शिक्षकों में से संबंधित श्रेणियों के अनुसार नामित किए जाएंगे।
वहीं, दो सदस्यों के रूप में वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों को शामिल किया जाएगा। इसमें रिटायर्ड IPS अधिकारियों को प्राथमिकता दी जायेगी ।
कार्य परिषद की बैठक में समाचार पत्रों में प्रकाशित और प्रसारित धर्मांतरण से संबंधित उन खबरों का भी खंडन करने किया गया, जिन्हें STF के बिन्दुओं के विपरीत बताया गया है। कार्य परिषद का कहना है कि जांच पूरी होने से पहले ही शिक्षकों को दोषी के रूप में प्रचारित करना गलत है।
विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया कि कार्य परिषद का यह निर्णय विश्वविद्यालय अधिनियम के अनुरूप लिया गया है। यह निष्पक्ष, पारदर्शी एवं नियमानुसार होगी। समिति द्वारा तथ्यों की जांच पूरी करने के बाद ही नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताते चलें कि एसटीएफ की सात पेज की जांच रिपोर्ट सामने आने के बाद केजीएमयू में हलचल बढ़ गई थी । रिपोर्ट में सरोजिनी नायडू मेडिकल कॉलेज (एसएनएमसी), आगरा में मेडिकल छात्रों के एक समूह का जिक्र किया गया था। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, 'इस्लामिक मेडिकोज' नाम से एक किताब प्रकाशित हुई थी, जिसमें वर्ष 2012 से 2016 बैच तक के मुस्लिम मेडिकल छात्रों का विवरण दर्ज था।
रिपोर्ट में रमीज, रिजवान मलिक, अदनान अंसारी और सैम अनीस के आपसी संपर्क का भी उल्लेख किया गया था। इसमें सैम अनीस पर पीड़ित महिलाओं से बातचीत के दौरान 19 युवतियों के साथ दुष्कर्म करने का दावा करने का जिक्र था। रिपोर्ट के मुताबिक, इस संबंध में अन्य महिलाओं के संपर्क में होने की जानकारी की भी जांच की जा रही थी।
एसटीएफ की रिपोर्ट में कई डॉक्टरों के नाम सामने आने के बाद केजीएमयू प्रशासन भी आगे की कार्रवाई की तैयारी कर रहा था। रिपोर्ट के मुताबिक, कुछ डॉक्टर वर्तमान में केजीएमयू से बाहर दूसरे बड़े संस्थानों में भी अहम पदों पर तैनात हैं।